दिल्ली की लोकसभा चुनाव प्रक्रिया में ईवीएम के प्रयोग को देखकर बेहद खुशी हुई। यह सिस्टम बेहद प्रभावी और सुरक्षित है। रविवार को दिल्ली के चुनाव का जायजा लेने के लिए 22 देशों से पहुंचे प्रतिनिधियों ने पोलिंग बूथों पर मतदाताओं, मतदान अधिकारियों और चुनाव अधिकारियों से मिलकर अपना अनुभव साझा करते हुए ये शब्द कहे।
प्रतिनिधिमंडल में ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, भूटान, बोस्निया, हरजेगोविना, कंबोडिया, कोरिया गणराज्य, फिजी, जॉर्जिया, केन्या आईबीईसी, केन्या, किर्गिस्तान, रूस, मलयेशिया, मैक्सिको (एन ई), मैक्सिको, म्यांमार, रोमानिया, श्रीलंका, सूरीनाम, यूएई और जिंबाब्वे के चुनाव अधिकारी मौजूद थे।
रूस के चुनाव अधिकारी शेवचेंको ने बताया कि उन्होंने नॉर्थ और साउथ दिल्ली के 18 पोलिंग स्टेशनों का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि रूस में चुनाव प्रक्रिया में कोई सिस्टम का प्रयोग किया जाता है और उनके सिस्टम में कोई भी मतदाता किसी भी शहर में अपने पासपोर्ट के साथ बायोमैट्रिक प्रक्रिया के जरिये मतदान कर सकते हैं। ईवीएम सिस्टम के तहत हालांकि लोगों को अपने क्षेत्र में वोट डालने के लिए आना पड़ता है। ईवीएम सिस्टम उन्होंने पहली बार देखा और उन्हें बेहद खुशी हुई।
रूस में भी ईवीएम जैसा ही सिस्टम है, लेकिन हमारे सिस्टम को मतदाताओं के लिए बायोमैट्रिक से जोड़कर ज्यादा आसान बनाने की कोशिश की गई है। उन्होंने बताया कि ईवीएम की सबसे खास बात यह है कि यहां मतदाता अपना वोट डालने के बाद ये देख सकता है कि उसका वोट किस प्रत्याशी को गया।