पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण काॅमर्शियल सिलिंडर नहीं मिलने से फास्ट फूड, चाय समेत फास्ट फूड के ठेले करीब-करीब बंद हो गए हैं। कई स्थानों पर दुकानदारों ने भट्ठी का सहारा लेना शुरू कर दिया है। सबसे ज्यादा परेशान वे रेस्टोरेंट संचालक हैं, जिनके किचन में भट्ठी की जगह नहीं है। बड़ी संख्या में लोगों ने इंडक्शन को भी विकल्प के तौर पर अजमाना शुरू कर दिया है।
शनिवार को सागरपुर, नंगली डेयरी, उत्तम नगर, कुम्हार कॉलोनी, गीता कॉलोनी, त्रिलोकपुरी और सरोजिनी नगर समेत अन्य इलाकों के लोगों ने भट्ठी खरीदना ज्यादा उचित समझा। पांच से आठ सौ रुपये वाली भट्ठी बृहस्पतिवार को दो से तीन हजार रुपये तक बिकी। कई लोगों ने एडवांस जमा करके बुकिंग भी करा दी है। जोहरीपुर स्थित एक कोयला और लकड़ी बेचने वाले संचालक मोहन ने बताया कि उनके यहां ऑस्ट्रेलियाई कोक कोयला हफ्ते भर पहले 25 रुपये प्रति किलो बिक रहा था।
अचानक मांग अधिक होने से 40 तो 50 रुपये प्रति किलो दाम हो गए हैं। 20 रुपये किलो वाली लकड़ी, 30 रुपये प्रति किलो में बिक रही है। करोल बाजार स्थित एक होटल संचालक अंकित का कहना है कि काॅमर्शियल सिलिंडर नहीं मिलने से तीन दिन से व्यापार ठप हो गया है। किराया, बिजली का खर्च और स्टाफ का वेतन कैसे निकलेगा?