फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खास खबरः दिल्ली में छह साल में पहली बार डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के सबसे कम मामले

Sat, 26 Sep 2020 05:19 AM IST
दुष्यंत शर्मा परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
विज्ञापन
डेंगू - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

छह साल में पहली बार दिल्ली में मच्छर जनित रोग डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के सबसे कम मामले दिखाई दे रहे हैं। कोरोना वायरस के चलते जहां अस्पतालों में इन बीमारियों की जांच प्रभावित हो रही है। वहीं लोगों में अस्पतालों के प्रति पैदा हुए खौफ को भी एक वजह माना जा रहा है। बहरहाल इन रोगों को लेकर नगर निगम के आंकड़ें भी सवालों के घेरे में हैं। 

विज्ञापन


सफदरजंग अस्पताल के डॉ. महेश का कहना है कि हर साल इनदिनों में काफी केस ओपीडी और आपातकालीन वार्ड में देखने को मिलते थे। दिल्ली में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया का लंबे समय से असर देखने को मिल रहा है। ऐसे में यह कहना है कि अचानक से इनका असर कम हो गया, वह गलत होगा। कोरोना वायरस के चलते जरूर इन मरीजों की पहचान में दिक्कत आ रही है। साथ ही लोग भी अस्पतालों में जाने से कतरा रहे हैं। 

वहीं दिल्ली एम्स के डॉ. विकास का कहना है कि इस वक्त कोरोना वायरस के साथ डेंगू भी मरीजों में मिल रहा है। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी इसका उदाहरण हैं जिन्हें कोविड व डेंगू होने के चलते लोकनायक अस्पताल से मैक्स साकेत रैफर किया गया। डॉ. विकास का कहना है कि वायरल, डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के साथ साथ कोरोना वायरस इस वक्त सबसे ज्यादा है। इन सभी रोगों के लक्षण लगभग लगभग एकसमान हैं। ऐसे में लोगों को ज्यादा सतर्क रहने की आवश्यकता है। 
विज्ञापन


क्या कहते हैं नगर निगम के आंकड़ें
दिल्ली नगर निगम के अनुसार इस साल 19 सिंतबर तक दिल्ली में मलेरिया के 138 मामले दर्ज किए गए हैं। जबकि वर्ष 2019 के इसी दिन तक यह आंकड़ा 304 था। इसी तरह डेंगू के केस इस वर्ष में 172 मिले हैं जबकि पिछले साल 1 जनवरी से 19 सिंतबर के बीच यह आंकड़ा 217 था। अगर चिकनगुनिया की स्थिति देखें तो पिछले वर्ष 19 सिंतबर तक 74 केस थे लेकिन इस बार यह संख्या 54 दर्ज की गई है। 

पिछली बार दिखा था सरकारी अभियान का असर
जानकारी के अनुसार बीते छह वर्षों में सबसे ज्यादा असर 2019 में दिखाई दिया था जब दिल्ली सरकार ने हर सप्ताह 10 बजे 10 मिनट नाम से अभियान चलाया था। इसका असर यह हुआ कि मच्छर जनित रोगों में अन्य वर्षों की तुलना में थोड़ी कमी जरूर आई। खासतौर पर डेंगू के मरीजों में कमी आई थी लेकिन इस बार ऐसा कुछ दिखाई नहीं दे रहा है। उम्मीद है कि इस बार भी सरकार का अभियान रंग लाए। 

छह साल में मरीजों की स्थिति
वर्ष                     डेंगू           मलेरिया       चिकनगुनिया 
2015                 3791        71              01                 
2016                 1375        307            2162  
2017                 1465        457            315
2018                 343          256            68
2019                 217          304            74
2020                 172          138            54
विज्ञापन

(हर वर्ष 19 सिंतबर तक के आंकड़ें)

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें