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फार्मेसी के क्षेत्र में भी जॉब की अपार संभावनाएं, सरकारी व निजी क्षेत्रों में हैं नौकरियां

Sat, 07 Jul 2018 07:16 AM IST
संदीप वर्मा, अमर उजाला,ग्रेटर नोएडा
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करियर चुनने के लिए 12वीं के बाद विद्यार्थियों के लिए फार्मेसी भी एक बेहतर विकल्प के रूप में है। डिग्री या डिप्लोमा धारकों के लिए न सिर्फ सरकारी बल्कि निजी क्षेत्र में भी रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। इतना ही नहीं वे स्वयं अपना कार्य कर व्यापार के साथ नौकरी दे भी सकते हैं। ग्रेटर नोएडा में करीब एक दर्जन से अधिक कॉलेजों में बैचलर ऑफ फार्मेसी, डिप्लोमा इन फार्मेसी की करीब एक हजार से अधिक सीट हैं। आमतौर पर एमबीबीएस में दाखिला न होने पर छात्र फार्मेसी का रुख करते थे, लेकिन आज स्थिति विपरीत है। फार्मेसी में रोजगार की संभावनाएं न सिर्फ मेडिकल बल्कि इंजीनियरिंग में रुचि रखने वाले छात्रों को भी आकर्षित कर रही है।
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किन क्षेत्रों में हैं रोजगार की संभावनाएं
डिप्लोमा या डिग्री करने के बाद छात्रों को लगभग बीस विभिन्न क्षेत्रों में नौकरी एवं व्यापार के अवसर खुल जाते हैं। जिनमें फार्मा कंपनी में प्रोडक्शन, मार्केटिंग, क्वालिटी कंट्रोल, ड्रग रेगुलेटरी अफेयर, इंटरनेशनल मार्केटिंग, पैकेजिंग, केमिस्ट आदि विभागों में नौकरी के रास्ते हैं। इसके अलावा फार्मा को विजिलेंस, मेडिकल राइटिंग एंड कोडिंग, मेडिकल ट्रांसक्रिप्शन, रिसर्च एंड डेवलपमेंट, क्लिनिकल रिसर्च, हॉस्पिटल-क्लिनिकल फार्मासिस्ट, न्यूट्रीशियन, डाईटीशियन, थेरेपिस्ट बनकर भविष्य संवारा जा सकता है।      

सरकारी सेवाओं में भी हैं अवसर
फार्मेसी के रजिस्टर्ड ग्रेजुएट सरकारी व निजी अस्पतालों में दवा बिक्री एवं रोगियों को दी जाने वाली दवाओं के बारे में सलाह भी दे सकते है। ड्रग एंड फूड इंस्पेक्टर के साथ-साथ ईएसआई, सेना, सरकारी अस्पतालों एवं लेबोरेटरी में भी नौकरी पा सकते हैं। वहीं मास्टर डिग्री करके फार्मेसी कालेज में लेक्चरर बन सकते हैं।
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कर सकते हैं खुद का व्यापार
व्यापार में रुचि रखने वाले छात्र दवा बनाने व बेचने (मेडिकल स्टोर्स) का कार्य भी शुरू कर सकते हैं। जिसके लिए डिग्री या डिप्लोमा के साथ फार्मा कंपनी में पर्याप्त अनुभव लेकर छात्र अपने राज्य की स्टेट फार्मेसी काउंसिल में पंजीकरण करवा सकते हैं। पंजीकृत फार्मासिस्टों को ही फार्मेसी एक्ट के तहत दवा निर्माण एवं बिक्री का अधिकार है। खुदरा या थोक व्यापार करने के इच्छुक रजिस्टर्ड फार्मासिस्टों को केंद्र व राज्य सरकार की जन औषधि कार्यक्रम के तहत न सिर्फ सलाह दे रही है, बल्कि व्यापार शुरू करने के लिए कम ब्याज दर पर लोन भी उपलब्ध करवा रही है।

पीसीआई मान्यता वाले संस्थान ही चुनें छात्र
रामईश फार्मेसी कॉलेज के प्राचार्य एवं निदेशक डॉ. जैनेंद्र जैन ने बताया कि बारहवीं के बाद छात्र ने यदि फिजिक्स, केमिस्ट्री के साथ बायोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी या मैथ से बोर्ड परीक्षा पास की है। वह छात्र फार्मेसी के डिग्री या डिप्लोमा में दाखिला ले सकते हैं। बस संस्थान में दाखिला लेने से पूर्व छात्र व अभिभावक संस्थान की पीसीआई (फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया) से मान्यता की जांच अवश्य कर लें।
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