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4 माह बाद भी नहीं मिला JNU से लापता छात्र नजीब, मां ने हाईकोर्ट में लगाई ये गुहार

Sat, 25 Feb 2017 11:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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नजीब अहमद की मां ने बेटे की वापसी के ल‌िए हाईकोर्ट से लगाई गुहार - फोटो : अमर उजाला
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जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय कैंपस से 14 अक्तूबर 2016 से लापता छात्र नजीब अहमद की मां फातिमा नफीस ने हाईकोर्ट के जज की अध्यक्षता में कमेटी बनाकर समयबद्ध तरीके से बेटे को तलाशने की मांग रखी है।
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इसके अलावा मानव संसाधन विकास मंत्रालय से भी दखल की मांग करते हुए विश्वविद्यालय प्रबंधन से इस पूरे मामले में रिपोर्ट मंगवाने का आह्वान किया है। खास बात है कि मां की पुकार के चलते ही देशभर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में करीब 25 लाख छात्रों ने नजीब को तलाशने के लिए हस्ताक्षर किए हैं, जोकि राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग को सौंपें जाएंगे।

प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित प्रेस वार्ता में शुक्रवार को बदायूं निवासी व नजीब अहमद की मां फातिमा नफीस दिल्ली पुलिस की जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि चार महीने से पुलिस मेरे बेटे को तलाश नहीं पाई। महज केस से जुड़े पुलिस अधिकारियों के तबादले की बात कह कर पुलिस जिम्मेदारी से मुंह नहीं मोड़ सकती है।
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नजीब की मां ने एचआरडी से जेएनयू प्रबंधन से रिपोर्ट लेने व दखल की रखी मांग

नजीब की मां - फोटो : जी पॉल/अमर उजाला
फातिमा ने हाईकोर्ट के जज की अध्यक्षता में कमेटी बनाने की मांग रखी है। साथ ही उस कमेटी को समयबद्ध कर जांच रिपोर्ट देने की अपील की है ताकि उनके बेटे को जल्द से जल्द तलाशा जा सके।

मां फातिमा ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय से भी अपील की है कि वे जेएनयू कुलपति प्रो. एम जगदीश कुमार से इस मामले में रिपोर्ट मांगे। क्योंकि कुलपति ने इस मामले में ठोस कदम नहीं उठाए थे। इसके अलावा देशभर के विश्वविद्यालयों में छात्रों की सुरक्षा के लिए पुख्ता नियम बनाए जाएं।

बता दें कि एमएससी बायो टेक्नोलॉजी के छात्र का माहीमांडवी हॉस्टल में कुछ छात्रों से झगड़ा होने के बाद मारपीट हुई थी। इस मामले में विवि प्रबंधन ने अपनी रिपोर्ट में नजीब को दोषी माना। इस घटना के अगले दिन 14 अक्तूबर से नजीब अहमद कैंपस से लापता हैं। एबीवीपी के चार छात्रों पर नजीब से मारपीट का आरोप है।

उधर, सेफ्टी फॉर माइनॉरिटीज इन हायर एजुकेशन संस्था के राष्ट्रीय सचिव सैयद अजहरुद्दीन ने बताया कि उन्होंने जस्टिस फॉर नजीब के नाम से देशभर के विश्वविद्यालयों में फरवरी में हस्ताक्षर अभियान चलाया। इसके तहत करीब 25 लाख छात्रों ने हस्ताक्षर के माध्यम से नजीब को तलाशने की मांग रखी है। 
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