पाकिस्तान में लापता हुए हजरत निजामुद्दीन दरगाह के गद्दीनशीं सैय्यद आसिफ निजामी और उनके भतीजे सैय्यद नाजिम निजामी शनिवार शाम पाकिस्तान में ही मिल गए।
रात में पाकिस्तानी मीडिया के हवाले से जैसे ही उनके सकुशल होने की खबर मिली, परिवार सहित उनके चाहने वालों में खुशी की लहर दौड़ गई। परिवार को बताया गया कि चाचा-भतीजे पाकिस्तान में अपने मुरीदों के घर मौजूद थे। किसी कारण परिवार से संपर्क नहीं कर पाए।
मीडिया में खबर आते ही दोनों शनिवार को सामने आ गए। हालांकि दबी जुबान में पारिवारिक सूत्रों का कहना है कि दोनों को पाक खुफिया एजेंसी ने बंधक बनाया था। भारत के दबाव के बाद पाक एजेंसी को उन्हें छोड़ना पड़ा।
सैय्यद नाजिम निजामी के भाई अजहर निजामी ने बताया कि परिवार वालों को रात करीब 8:30 बजे मीडिया से सूचना मिली कि सैय्यद आसिफ निजामी और नाजिम निजामी सकुशल मिल गए हैं।
दोनों फिलहाल कराची में हैं और अपने तय समय 20 मार्च को भारत पहुंच जाएंगे। अजहर के मुताबिक, उन्हें बताया गया कि दोनों अपने मुरीदों के घर चले गए थे। दूर दराज इलाका होने की वजह से उनके फोन का नेटवर्क काम नहीं कर रहा था।
दोनों के लापता होने के बाद जब भारत-पाक मीडिया के अलावा भारतीय दूतावास सक्रिय हुआ, तो दोनों वापस कराची पहुंच गए और उन्होंने गायब होने की अटकलों को खारिज किया।
हालांकि दोनों किन परिस्थितियों में गायब हुए और उनका परिवार वालों से संपर्क क्यों नहीं हो पाया, इसका सही पता उनके भारत लौटने पर ही चल पाएगा। फिलहाल उनके मिलने की सूचना के बाद पूरे निजामुद्दीन सहित देश भर में उनके मुरीदों में खुशी की लहर है।
परिवार, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का भी धन्यवाद करता नहीं थक रहा। दोनों के मिलने की खबर मिलते ही लोगों का उनके घर आने-जाने का सिलसिला शुरू हो गया। अजहर निजामी ने बताया कि परिवार वालों का अभी उनसे संपर्क नहीं हो पाया है।