हापुड़ में भगवान श्री जगन्नाथ की 25वीं रथयात्रा में 25 हजार श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिसमें पालकी यात्रा, पुष्प वर्षा, भंडारे और भजनों ने शहर को भक्तिमय बना दिया। पुलिस की कड़ी सुरक्षा में यात्रा शांतिपूर्ण संपन्न हुई।
भगवान श्री जगन्नाथ की 25वीं रथयात्रा रविवार को शहर में अपार श्रद्धा और उल्लास के साथ निकाली गई। भगवान जगन्नाथ रथयात्रा सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित इस भव्य आयोजन में करीब 25 हजार श्रद्धालुओं ने भाग लिया। शहरवासियों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों से भी भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। रथयात्रा के दौरान शहर की गलियां भगवान जगन्नाथ के जयघोष से गूंज उठीं। श्रद्धालुओं ने भजनों पर नृत्य कर माहौल को भक्तिमय बना दिया। वृंदावन, देवबंद और दादरी से आई संकीर्तन मंडलियों ने सुंदर भजनों की प्रस्तुति देकर यात्रा की शोभा बढ़ाई।
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पालकी यात्रा से हुआ शुभारंभ
सुबह मोहल्ला ब्रह्मनान से पालकी यात्रा का शुभारंभ हुआ, जो खारी कुआं, चाह कमाल होते हुए पुराना बाजार स्थित शिव मंदिर पहुंची, जहां भगवान का पंचामृत अभिषेक किया गया। इसके बाद सुबह आठ बजे भगवान श्री जगन्नाथ की रथयात्रा प्रारंभ हुई। जैसे ही रथ शिव मंदिर से निकला, श्रद्धालुओं में उसे खींचने की होड़ मच गई। भक्तजन लाल ध्वज हाथ में लेकर 'जय जगन्नाथ' के उद्घोष करते चल रहे थे।
पुष्प वर्षा और भंडारों से हुआ स्वागत
यात्रा मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा खीर, कचौड़ी, ठंडाई, जलजीरा, शरबत, धूपबत्ती आदि का वितरण किया गया। व्यापारियों, समाजसेवियों और धार्मिक संगठनों ने जगह-जगह स्वागत द्वार बनाकर पुष्प वर्षा की।
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चप्पे-चप्पे पर रही पुलिस की निगरानी
रथयात्रा को शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए थे। भारी पुलिस बल और स्वयंसेवक पूरे मार्ग पर तैनात रहे। इस अवसर पर ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो सम्पूर्ण शहर भक्ति की भावना में डूब गया हो। श्रद्धा, उल्लास और भक्ति से परिपूर्ण इस रथयात्रा ने सभी के मन को छू लिया।