फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बदमाशों ने बदरपुर टोल प्लाजा लूटा

Sun, 18 Jun 2017 10:15 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
loot
विज्ञापन
शहर की पुलिस नेशनल हाईवे के टोल टैक्स की सुरक्षा में भी नाकाम साबित हुई। बुधवार देर आठ-दस बदमाशों ने बदरपुर टोल प्लाजा पर हमला बोल कर कर्मचारियों को पीटा और कैशबॉक्स से नकदी निकाल कर धमकियां देते हुए फरार हो गए। टोल प्लाजा प्रबंधक प्रदीप कुमार ने सराय ख्वाजा थाने में लूट की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।
विज्ञापन


मूल रूप से झज्जर जिले के प्रदीप कुमार बदरपुर टोल प्लाजा में प्रबंधक पद पर तैनात हैं। प्रदीप कुमार के मुताबिक बुधवार रात करीब ग्यारह बजे वह अपने कार्यालय में थे। इस दौरान आठ-दस लड़के आए और टोल बूथ में बैठे कर्मचारियों से उलझने लगे। यह लोग कर्मचारियों से टोल वसूली बंद करने को कहने लगे। कर्मचारियों ने टोल टैक्स मांगा तो आरोपियों ने मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि दो हमलावर जबरन केबिन के अंदर घुस आए और कर्मचारियों के साथ मारपीट की। 

आरोपियों ने दो केबिन के कैश काउंटर की दराजों में पड़े हजारों रुपये निकाल लिए और धमकी देते हुए फरार हो गए। प्रदीप कुमार के मुताबिक सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हमलावरों की पहचान का उन लोगों ने प्रयास किया। सीसीटीवी में दिखाई देने वालों की पहचान नहीं कर पाने पर शुक्रवार को उन्होंने सराय ख्वाजा थाने मेें आठ-दस हमलावरों के खिलाफ लूट का केस दर्ज कराया। एसएचओ सराय ख्वाजा इंस्पेक्टर अनिल कुमार ने बताया कि दोषियों की तलाश की जा रही है।
विज्ञापन


रिपोर्ट दर्ज कराने की वजह राजनैतिक दबाव तो नहीं
हालांकि पुलिस अभी मामले की जांच की बात कर रही है लेकिन सूत्रों के अनुसार टोल वसूली से नाराज स्थानीय लोगों ने हमला किया। यह लोग राजनेताओं के करीबी होने की वजह से टोल कर्मियों पर रौब झाडना चाहते थे। टोल कर्मचारियों पर भी स्थानीय नेताओं का दबाव था शायद यही वजह रही कि बुधवार रात हुई वारदात की रिपोर्ट बृहस्पतिवार को पूरे दिन नहीं दर्ज कराई गई। इधर राजनेताओं का दबाव ऊपर से एनएचएआई अधिकारियों का दबाव पडने पर बीच का रास्ता निकाला गया। सीसीटीवी फुटेज में हमलावरों की पहचान नहीं कर पाने की वजह बता पुलिस में केस दर्ज कराया गया।

मंत्री के चहेते पहले भी कर चुके हैं हमला  
टोल नहीं चुकाने के लिए कर्मचारियों पर हमला नई बात नहीं है। जून 2016 में पाखल टोल टैक्स पर कुछ दबंगों ने जोगेंद्र नाम के युवक को गोली मार दी थी। जोगेंद्र की पिटाई करने वाले हमलावर खुद को मंत्री का खास बता रहे थे। हमलावरों का कहना था कि वह मंत्री के खास हैं उनका टोल टैक्स तो कहीं नहीं पड़ता तो फिर पाखल क्या चीज है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें