thak thak gang
ऐसे इशारों से स्वभाविक रूप से कार सवार व्यक्ति या महिला का ध्यान उनकी बातों पर चला जाता है। उन्हें पता नहीं होता कि इशारा करने वाला कोई और नहीं बल्कि ठकठक गैंग का सदस्य है, इसलिए वे झांसे में आकर अपनी कार का शीशा नीचे कर देते हैं। बस फिर क्या, कार का शीशा खुला तो समझिए ठकठक गैंग ने अपना काम कर लिया। शीशा खुलते ही वे अंदर बैठे शिकार पर झपट जाते हैं और पलक झपकते ही सारा सामान लूट कर फरार हो जाते हैं।