27 जुलाई को 21वीं सदी का सबसे लंबा पूर्ण चंद्रग्रहण लगने वाला है। आमतौर पर होने वाले चंद्रग्रहण से यह करीब 40 मिनट ज्यादा समय का होगा। भारत के अतिरिक्त यह चंद्रग्रहण अंटाकर्टिका, ऑस्ट्रेलिया, एशिया, अफ्रीका, यूरोप, दक्षिण अमेरिका के मध्य और पूर्वी भाग में दिखाई देगा। चंद्रग्रहण के दिन चंद्रमा अधिक चमकीला और बड़ा दिखाई देगा।
पंडित ओमकार नाथ मिश्र के अनुसार, संवत 2075 आषाढ़ सुदी, पूर्णिमा, शुक्रवार को यह चंद्रग्रहण उत्तरा आषाढ़, श्रवण नक्षत्र एवं मकर राशि मंडल पर मान्य है। हिंदू धर्म के मतानुसार चंद्रग्रहण का प्रभाव शुभ नहीं माना जाता। जिन नक्षत्र और राशि वाले जातकों के लिए ग्रहण दर्शन वर्जित है। इस दिन इष्ट देव की आराधना, गुरु मंत्र जप एवं धार्मिक ग्रंथ का पठन और मनन करना चाहिए।