नोटों की बदली बंद होने से बैंकों के आगे से लाइन तो गायब हो गई लेकिन समस्या खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। कैश के अभाव में अभी भी बड़ी संख्या में खाताधारक वापस लौटने को मजबूर हैं। बैंकों को पर्याप्त कैश नहीं मिल पा रहे हैं। इससे समस्या विकराल होती जा रही है।
जिन बैंकों में कैश है वहां खाता धारक अपने पुराने नोट जमा कर तत्काल धनराशि निकाल सकता है। सेविंग अकाउंट धारक एक दिन में अधिकतम 24 हजार रुपये और करंट अकाउंट धारक अधिक 50 हजार रुपये निकाल सकता है। वहीं रेलवे स्टेशनों पर पुराने नोटों से टिकट दिए जा रहे हैं।
ज्ञात हो कि सरकार ने अब नोट बदलने की व्यवस्था बंद कर दी है। अब अकाउंट धारक पुराने नोटों को अपने खाते में जमा कर निकाल सकते हैं। ये व्यवस्था शुरू होने से शुक्रवार को अधिकांश बैंक शाखाओं के सामने से भीड़ गायब रही।
बृहस्पतिवार की रात यूको बैंक, सिटी बैंक समेत अन्य कई बैंक शाखाओं के एटीएम चले लेकिन दो घंटे बाद ही नोट खत्म हो गए। एनआईटी पांच स्थित इलाहाबाद बैंक के सहायक महाप्रबंधक रमन महाजन ने बताया कि खाता धारकों को पुराने नोट जमा कर तत्काल भुगतान करने की सुविधा शुरू की गई है। यानी जमा करने के पांच मिनट बाद ही खाताधारक 20 हजार रुपये तक की धनराशि निकाल सकता है।
उसके ऊपर की धनराशि निकालने में एक घंटे का समय लगेगा। उन्होंने बताया कि अभी 500-500 के नोट बैंकों को नहीं दिए जा रहे हैं। बल्कि एटीएम में भेजे जा रहे हैं। बैंकों से अभी 100-100 और 2000-2000 रुपये के नोट दिए जा रहे हैं। नीलम चौक स्थित यूको बैंक के मुख्य प्रबंधक अतुल वाही ने बताया कि बृहस्पतिवार की रात एटीएम शुरू किए गए थे। अभी एटीएम में ही 500-500 के नेट डाले जा रहे हैं।
कैश न मिलने से बैंक प्रबंधन परेशान:
-सरकार के तमाम दावों के बावजूद बैंक शाखाओं को पर्याप्त कैश नहीं मिल पा रहे हैं जिससे बैंक प्रबंधकों की परेशानी बढ़ गई है। कैश की कमी होने के कारण खाता धारकों को भी कैश नहीं मिल पा रहा है। उन्हें बैंक आकर वापस लौटना पड़ रहा है। नीलम-बाटा रोड स्थित यूनियन बैंक की मुख्य शाखा के एजीएम जयबीर कुमार शर्मा ने बताया कि पर्याप्त कैश न मिलने से एटीएम भी नहीं चल पा रहे हैं। आने वाले दिनों में डिमांड और बढ़ेगी तो मुश्किल हो जाएगा। अधिकांश बैंक शाखाओं का यही हाल है। पिछले एक हफ्ते से बैंक शाखाओं को पर्याप्त कैश नहीं मिल पा रहा है। इसके चलते बैंकों में हंगामा तक हो जाता है। इस बाबत उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
पैसा न मिलने से बहनोई की मिट्टी में नहीं हो पाया शामिल:
-मूलरूप से यूपी के गाजीपुर जिला गांव मंझनपुरा मदरा निवासी अवधेश कुमार मौर्या यहां सेक्टर-23 संजय कॉलोनी में किराए पर रहते हैं और सेक्टर-24 स्थित एक निजी कंपनी में काम करते हैं। उनका अकाउंट नीलम बाटा रोड स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की मुख्य शाखा में है। अमर उजाला से बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि वह दो दिन से बैंक के चक्कर काट रहे हैं लेकिन उन्हें पैसा नहीं मिल पा रहा है। गत बुधवार को गांव में ही उनके बहनोई की ह्दयगति रूक जाने से मौत हो गई है। उन्हें मिट्टी में शामिल होने के लिए घर जाना है लेकिन पैसे न होने के कारण वह नहीं जा पा रहे हैं। किसी तरह साथियों से कुछ पैसों की व्यवस्था कर छोटे भाई को तो घर भेज दिया है। एजीएम शर्मा ने बताया कि रोज एक जरूरतमंद अकाउंट धारक बैंक आ रहे हैं लेकिन कैश नहीं होने के कारण उनकी मदद नहीं हो पा रही है।
रेलवे स्टेशनों पर लिए जा रहे हैं पुराने नोट:
-सरकार की घोषणा के बाद रेलवे स्टेशनों पर अब भी पुराने 500-500 के नोट लिए जा रहे हैं। अर्थात पुराने नोट से टिकट और रिजर्वेशन कराया जा सकता है। लेकिन यहां भी फुटकर की समस्या पैदा हो गई है। ज्यादातर यात्री लोकल टिकट लेने के लिए भी 500 का नोट देने को तैयार रहते हैं। ऐसे में रेलकर्मियों की परेशानी बढ़ गई है।