दिल्ली में आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन करने के लिए दिल्ली प्रदेश कांग्रेस की तरफ कार्यकर्ताओं के बीच कराए जा रहे सर्वे का परिणाम अभी बेशक नहीं आए हैं
लेकिन कांग्रेस के दिल्ली प्रदेश प्रभारी पीसी चाको ने खुले तौर पर गठबंधन की वकालत की है। उनका मानना है कि भाजपा को दिल्ली में हराने के लिए कांग्रेस अगर
दूसरे राज्यों में गठबंधन कर रही है तो दिल्ली में भी आप व कांग्रेस का गठबंधन होना चाहिए। हालांकि, चाको ने इसे अपनी निजी राय बताया है।
पीसी चाको ने शुक्रवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने फैसला किया था कि भाजपा को 2019 के लोकसभा चुनाव में हराने के लिए समान
विचारधारा वाली पार्टियां के साथ गठबंधन किया जाना है। इसी नीति पर चलते हुए कांग्रेस ने दूसरे राज्यों में डीएमके, एनसीपी जैसी पार्टियों के साथ गठबंधन किया है।
ऐसे में दिल्ली में भी कांग्रेस को आप के साथ गठबंधन करना चाहिए।
पीसी चाको की दलील है कि नगर निगम चुनाव में भी भाजपा विरोधी वोट के बंटने से तीनों निगमों में करारी हार हुई थी। लोकसभा चुनाव में भी अगर कांग्रेस व आप में
भाजपा विरोधी वोट बंटता है तो बीजेपी को फायदा होगा। लोकसभा चुनाव में इसे रोकने के लिए कांग्रेस को आप से समझौता करना चाहिए।
कांग्रेस अध्यक्ष के आने पर होगा फैसला
पीसी चाको ने बताया कि अभी कांग्रेस अध्यक्ष दिल्ली में नहीं हैं। एक-दो दिन में वह वापस लौट आएंगे। उनके लौटने पर आप के साथ गठबंधन पर फैसला ले लिया
जाएगा। दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष शीला दीक्षित की चिंता को जायज बताते हुए चाको ने कहा कि गठबंधन सिर्फ 2019 लोकसभा चुनाव के लिए होगा। विधानसभा चुनाव में
कांग्रेस आम आदमी पार्टी के खिलाफ चुनाव लड़ेगी।