नेताओं ने सम्मेलन के लिए चंदा इकट्ठा किया। एक रुपये से लेकर 151 रुपये का चंदा इकट्ठा किया गया और बाकायदा इसकी एक बुकलेट प्रकाशित कराई गई। सबसे ज्यादा 151 रुपये का चंदा बाबू बनारसी दास की ओर से दिया गया।
तीन दिन के सम्मेलन के लिए लगाए गए पंडाल पर महज 687 रुपये खर्च हुए जबकि भोजन पर 455 रुपये खर्च हुए। वर्तमान दौर में एक नेता के खाने का बिल ही हजारों में होता है। उन्होंने बताया कि इस सम्मेलन में तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू, ऑल इंडिया कांग्रेस की तत्कालीन अध्यक्ष इंदिरा गांधी समेत कई दिग्गज नेता शामिल हुए थे।
सम्मेलन की सफलता के बाद उन्होंने कांग्रेस की स्थानीय कमेटी को संदेश पत्र भी भेजे थे। तत्कालीन रेल मंत्री जगजीवन राम, तत्कालीन वित्त मंत्री मोरारजी देसाई, गुलजारी लाल नंदा समेत कई केंद्रीय मंत्रियों के संदेश मिले थे।