लोकसभा चुनाव के द्वितीय चरण में गौतमबुद्धनगर सीट पर 26 अप्रैल को होने वाले मतदान को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। शिक्षित मतदाताओं को साधने के लिए सोमवार को ग्रेटर नोएडा आ रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रबुद्ध सम्मेलन को संबोधित करेंगे।
कार्यक्रम का आयोजन नॉलेज पार्क स्थित जीएल बजाज कॉलेज में होगा। सम्मेलन को सफल बनाने के लिए भाजपा कार्यकर्ता एक सप्ताह से जुटे हैं। वहीं सुरक्षा को लेकर पुख्ता व्यवस्था की गई है। भाजपा जिलाध्यक्ष गजेंद्र मावी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी दोपहर बाद करीब 3:00 बजे ग्रेनो पहुंचेंगे। कार्यक्रम में लोकसभा क्षेत्र से करीब दो हजार लोग शामिल होंगे। प्रबुद्ध सम्मेलन को सफल बनाने के लिए पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की टीम पिछले कई दिनों से तैयारियों में जुटी है।
वहीं सुरक्षा की दृष्टि से कार्यक्रम में आने वाले लोगों को पार्टी की ओर से कार्ड जारी किए गए हैं। सम्मेलन में मुख्य रूप से डॉक्टर, इंजीनियर, अधिवक्ता और शिक्षकों को आमंत्रित किया गया है। मुख्यमंत्री के अलावा सम्मेलन को डॉ. महेश शर्मा, जिला प्रभारी समेत अन्य वरिष्ठ नेता भी संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के साथ ही चुनावी सरगर्मियां तेज हो जाएंगी।
सीएम योगी के कार्यक्रम को देखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की गई है। डीसीपी साद मियां खान, एडीसीपी अशोक कुमार व अन्य अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशानिर्देश दिए।
एनसीआर के पुलिस बलों की हुई बैठक
लोकसभा चुनाव को स्वतंत्र व शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराए जाने को लेकर रविवार को कमिश्नरेट गौतमबुद्ध नगर, दिल्ली, हरियाणा व कमिश्नरेट गाजियाबाद के पुलिस अधिकारियों के बीच समन्वय बैठक हुई। इसमें बॉर्डर एरिया पर सख्ती से चेकिंग करने और एक दूसरे को सूचना प्रदान करने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाने पर सहमति बनी।
सेक्टर-14ए स्थित पुलिस ऑफिस में रविवार को नोएडा के डीसीपी विद्यासागर मिश्रा की अध्यक्षता में सीमावर्ती अंतर्जनपदीय व अन्तर्राज्यीय थाना क्षेत्रों के पुलिस अधिकारियों की बैठक में लोकसभा चुनाव को लेकर कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने पर चर्चा हुई।
इसमें नोएडा के एडीसीपी मनीष मिश्रा, नोएडा जोन के तीनों एसीपी समेत एसीपी न्यू डिवीजन कल्याणपुरी दिल्ली, एसीपी सरिता विहार दिल्ली, एसीपी वूमेन सेफ्टी फरीदाबाद समेत एनसीआर के पुलिस अधिकारियों ने हिस्सा लिया। तीनों राज्यों की पुलिस ने चुनाव के दौरान प्रभावित करने वाले तत्वों और अपराधियों की सूची का आदान प्रदान किया।