दिल्ली की चांदनी चौक लोकसभा सीट पर कांग्रेस और भाजपा का दबदबा रहा है। इस सीट से जीते कई सांसद मंत्री भी बने। हालांकि चुनाव मैदान में पहली बार किस्मत आजमाने वाली स्मृति ईरानी को बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा था।
1957 के आम चुनाव में अस्तित्व में आई चांदनी चौक सीट पर अब तक हुए 16 चुनावों में कांग्रेस और भाजपा का पलड़ा भारी रहा है। भाजपा और उससे पहले जनसंघ व लोकदल ने भी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।
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इस बार का सत्ता संग्राम भी रोचक होने की उम्मीद है। दिल्ली के लोकसभा क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या के मामले में दूसरे नंबर पर इस क्षेत्र से भाजपा ने उम्मीदवार के नाम की घोषणा कर दी है। भाजपा ने व्यापारी नेता प्रवीण खंडेलवाल को अपना उम्मीदवार बनाया है।
वहीं, इंडिया गठबंधन की प्रमुख कांग्रेस ने अभी अपने उम्मीदवार के नाम का एलान नहीं किया है। आम आदमी पार्टी के साथ समझौते के तहत यह क्षेत्र कांग्रेस के हिस्से में आया है। चांदनी चौक लोकसभा क्षेत्र से भी अनेक बार बड़े नेता सांसद बने है। इस क्षेत्र से कांग्रेस के जयप्रकाश अग्रवाल सबसे अधिक तीन बार सांसद चुने गए है, जबकि भाजपा के विजय गोयल व डॉ. हर्षवर्धन दो-दो बार सांसद बने।
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उनकी तरह कांग्रेस के कपिल सिब्बल भी दो बार सांसद बने थे। खास बात यह है कि इस क्षेत्र से सबसे अधिक बार कांग्रेस के जयप्रकाश अग्रवाल को ही हार का सामना करना पड़ा है। वह यहां से चार बार चुनाव हार चुके है।
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जनसंघ, लोकदल व भाजपा के कद्दावर नेता सिकंदर बख्त को दो बार हार का सामना करना पड़ा, जबकि वह जनता लहर में एक बार जीते थे। कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे कपिल सिब्बल की भी एक बार हार का सामना करना पड़ा था। इस क्षेत्र से एक-एक बार सांसद रहे अधिकतर नेता भी हार का स्वाद चख चुके है।
कई सांसद बने मंत्री
चांदनी चौक क्षेत्र से सांसद बने चार सांसद केंद्र सरकार में सात बार मंत्री बने। इस क्षेत्र से सांसद बनने वालों में सबसे पहले वर्ष 1977 में सिकंदर बख्त केंद्र सरकार में मंत्री बने थे। उनके बाद वर्ष 1998 व 1999 में सांसद बने भाजपा के विजय गोयल को दोनों बार केंद्र सरकार में मंत्री पद मिला। उनके बाद वर्ष 2004 व 2009 में सांसद बने कपिल सिब्बल भी दोनों बार मंत्री बनने में सफल रहे थे। उनकी तरह वर्ष 2014 व 2019 में सांसद बने भाजपा के डा. हर्षवर्धन भी केंद्र सरकार में मंत्री बने, लेकिन दूसरी बार उनका मंत्री पद पांच साल तक बरकरार नहीं रहा।
स्मृति ईरानी भी आजमा चुकी किस्मत
पिछले लोकसभा चुनाव में अमेठी में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को हराकर सनसनी फैलाने वाली भाजपा की दिग्गज नेता स्मृति ईरानी ने छोटे पर्दे से राजनीति में कदम रखने की शुरूआत चांदनी चौक से की थी।
उन्होंने यहां से वर्ष 2004 में भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन उनको कांग्रेस के दिग्गज नेता कपिल सिब्बल के सामने हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद उन्होंने वर्ष 2009 में चुनाव नहीं लड़ा। भाजपा ने उनके स्थान पर एमसीडी में अपने दिग्गज नेता विजेंद्र गुप्ता को चुनाव लड़ाया था।
चुनावी इतिहास
साल सांसद पार्टी
1957 राधा रमन कांग्रेस
1962 श्यामनाथ कांग्रेस
1967 आर. गोपाल जनसंघ
1971 सुभद्रा जोशी कांग्रेस
1977 सिकंदर बख्त लोकदल
1980 भीकूराम जैन कांग्रेस
1984 जयप्रकाश अग्रवाल कांग्रेस
1989 जयप्रकाश अग्रवाल कांग्रेस
1991 ताराचंद खंडेलवाल भाजपा
1996 जयप्रकाश अग्रवाल कांग्रेस
1998 विजय गोयल भाजपा
1999 विजय गोयल भाजपा
2004 कपिल सिब्बल कांग्रेस
2009 कपिल सिब्बल कांग्रेस
2014 डा. हर्षवर्धन भाजपा
2019 डा. हर्षवर्धन भाजपा