इस गठबंधन के पीछे का गणित यह है कि दोनों दलों ने मिलकर भाजपा के मुकाबले अधिक मत हासिल किए थे। भाजपा ने 2014 लोकसभा चुनाव में दिल्ली में सभी सात सीटों पर विजयी पताका फहराई थी।
‘आप’ भाजपा को हराने और मोदी सरकार को बदलने की आवश्यकता का हवाला देकर कांग्रेस से गठजोड़ करना चाहती है। हालांकि इस मामले पर दिल्ली कांग्रेस के भीतर मतभेद है। दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष शीला दीक्षित, उनके तीन कार्यकारी अध्यक्ष और कुछ अन्य पार्टी नेता ‘आप’ के साथ गठबंधन का विरोध कर रहे है।
शीला ने इस मामले पर राहुल गांधी से दो बार बात की है और अपना संदेश उन तक पहुंचा दिया है। उन्होंने राहुल गांधी से पिछले महीने बैठक के बाद दावा किया था कि पार्टी में ‘आप’ के साथ गठबंधन के खिलाफ ‘‘सर्वसम्मति’’ है।