23 अप्रैल को नामांकन प्रक्रिया समाप्त होने के बाद अब उम्मीदवार चुनाव खर्च के हिसाब किताब में जुटे हैं। भाजपा इसमें अपने उम्मीदवारों की मदद कर रही है। सूत्रों की मानें तो 2014 के लोकसभा चुनाव का हिसाब किताब जांचा जा रहा है। ताकि आगे की योजना बनाई जा सके। बताया जा रहा है कि पिछली बार भाजपा ने उम्मीदवारों की मदद के लिए 15 लाख से ज्यादा का बजट तय किया था, जिसमें अब कुछ बढ़ोतरी की जा सकती है।
आंकड़े बताते हैं कि साल 2014 के लोकसभा चुनाव में सबसे ज्यादा खर्चीले दक्षिणी दिल्ली से सांसद रमेश बिधूड़ी रहे। उन्होंने चुनाव के दौरान करीब 49 लाख रुपये से ज्यादा खर्च किए। उन्होंने दक्षिणी दिल्ली से चुनाव लड़ने के लिए कुल 49,19,694 रुपये खर्च किए थे। इनमें से सर्वाधिक 14,57,445 रुपये उन्हें प्रचार सामग्री पर खर्च करना पड़ा। इनके अलावा दूसरे नंबर पर चांदनी चौक से सांसद बने डॉ. हर्षवर्धन और उत्तर पश्चिम सीट से उदित राज रहे।
दिलचस्प है कि सबसे कम खर्च करके जीत हासिल करने वाले भाजपा नेता प्रवेश वर्मा रहे। पश्चिमी दिल्ली लोकसभा सीट पर भाजपा से उन्हें पहली बार चुनाव में लड़ने का मौका मिला था। उन्होंने 27,77,127 रुपये चुनाव के दौरान खर्च किए, जिसमें सर्वाधिक खर्च प्रचार वाहनों पर 10,74,500 करना पड़ा। उत्तर पश्चिम सीट से उदित राज ने 46,72,408 रुपये कुल खर्च किए थे। इसमें सर्वाधिक खर्च 11,88,150 उन्हें प्रचार सामग्री पर करना पड़ा। उत्तर पूर्वी से मनोज तिवारी ने 41,14,851, नई दिल्ली से मीनाक्षी लेखी ने 37,56,459 और पूर्वी दिल्ली से महेश गिरी ने 40,06,826 रुपये खर्च किए थे। इन तीनों ही उम्मीदवारों ने उस दौरान सर्वाधिक खर्च क्रमश : 17.54, 23.12 और 15.35 लाख रुपये जनसंपर्क में किया था।
हर्षवर्धन ने अपने खर्च पर लड़ा था चुनाव
डॉ. हर्षवर्धन ने कुल 46,52,465 रुपये खर्च किए। इसमें सर्वाधिक 23,16,877 खर्च जनसंपर्क में हुआ। पिछले चुनाव में भाजपा के भी सात उम्मीदवार जीते थे। सभी को चुनाव में पार्टी की ओर से भी कुछ फीसदी आर्थिक मदद की गई। डॉ. हर्षवर्धन इकलौते ऐसे उम्मीदवार थे, जिन्होंने पूरा खर्च स्वयं वहन किया था।