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मतदान में दिल्ली ने दिखाया दम, कहीं दिग्गजों ने डाले वोट तो कहीं EVM खराबी की शिकायतें

Sun, 12 May 2019 07:43 PM IST
राजेश सैनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

-दोपहर बार तीन बजे तक 46 फीसदी हुआ मतदान
-अनिधकृत कालोनियों व झुग्गी बस्ती में दिखी लंबी-लंबी लाइनें
-पॉश कालोनियों के मतदाताओं ने दिखाई सुस्ती
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फाइल फोटो
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विस्तार
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लोकतंत्र के महापर्व पर दिल्लीवालों ने दिल से जोश दिखाया। मतदाताओं ने इस महायज्ञ में अपनी बढ़-चढ़कर भागीदारी सुनिश्चित की। सभी सातों सीटों के मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदाताओं की लाइनें देखी गईं। दोपहर तीन बजे तक मतदान का प्रतिशत 46 फीसदी को पार कर गया। चुनाव अधिकारियों  आखिरी दो घंटे में मतदान में थोड़ी तेजी आई और शाम पांच बजे तक 55 प्रतिशत मतदान हुआ। 

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उधर, निर्माण भवन, बसंत कुंज, सरोजनी नगर, यमुना विहार जैसे कई पोलिंग बूथ पर ईवीएम में गड़बड़ी की शिकायतें भी मिली। इससे मतदान में देरी हुई। दिल्ली के सियासी घमासान में त्रिकोणीय मुकाबला भाजपा, कांग्रेस व आम आदमी पार्टी (आप) के बीच रहा। सुबह से ही दिल्ली के पोलिंग बूथ पर मतदाताओं की लाइनें दिखी। सबसे ज्यादा भीड़ अनधिकृत कॅालोनियों व झुग्गी बस्तियों में रही। यहां कतारों में आधे-आधे घंटे तक इंतजार के बाद लोग वोट दे सके।

दिल्ली में वीआईआईपी वोटर भी लाइन से नहीं बच सके। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद अपनी पत्नी के साथ डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद सर्वोदय विद्यालय में वोट देने पहुंचे। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने एनपी प्राइमरी स्कूल, कामराज लेन में वोट किया। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज औरंगजेब लेन स्थित एनपी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में मतदान करने पर पहुंची। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी व सोनिया गांधी ने निर्माण भवन के पोलिंग बूथ पर वोट किया। प्रियंका गांधी लोदी एस्टेट के पोलिंग बूथ पर पहुंची। उपराज्यपाल अनिल बैजल, मुख्यमंत्री अरविंद केजरवाल समेत सभी प्रत्याशियों ने अपने-अपने इलाके में मतदान  किया।
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1.43 करोड़ मतदाता है 
दिल्ली में 2700 पोलिंग स्टेशन के 13,819 बूथ पर मतदान हुआ। 70 विधानसभा क्षेत्रों में एक-एक आदर्श मतदान केंद्र है। वहीं, पिंक बूथ नाम के 17 मतदान केंद्रों पर सिर्फ महिला स्टाफ तैनात रहा। दिल्ली में 1.43 करोड़ मतदाता है। इनमें 78,73,022 पुरुष, 64,42,762 महिला व 669 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं।

संसदीय सीट वार मतदान प्रतिशत यूं  बढ़ा

संसदीय सीट        9  बजे       11 बजे        1 बजे         3 बजे        
चांदनी चौक           7.11         18.31        33.10        45.82        
उत्तरी पूर्वी             9.14        22.32        36.55        48.11
पूर्वी दिल्ली            8.50        20.56        34.40        46.74
नई दिल्ली             7.50        17.99        31.32        43.13
दक्षिणी दिल्ली        9.16        21.22        34.84        44.47
उत्तरी पश्चिमी         8.78        21.41        36.09        46.75
पश्चिमी                  8.82        20.76        35.06        47.03
कुल                     8.43        20.37        34.58        46.01
 
(सभी आंकड़े प्रतिशत में)   

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युवा मतदाताओं के दिल में रहा रोजगार और शिक्षा का मुद्दा 

पहली बार वोट डालने वाले मतदाताओं ने रोजगार और शिक्षा के मुद्दों को अहमियत दी। युवा मतदाताओं ने ऐसी सरकार के लिए वोट डालने की बात कही जो उन्हें इधर-उधर के मुद्दों में भटकाए बिना जनहित के मुद्दों की बात करें।  पहली बार वोट डालने वाली रुचिका सिंह ने कहा कि वो दिल्ली की तीनों पार्टियों से बहुत निराश हैं। आम आदमी पार्टी विकल्प के तौर पर उभरी लेकिन वह भी आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति में उलझ कर रह गई। सरकारी नौकरी की तैयारी में जुटी रुचिका का कहना है कि देश में ऐसी सरकार होनी चाहिए जो रोजगार, स्वास्थ, शिक्षा जैसे मुद्दों पर ध्यान दे। न कि ऐसी सरकार जो केवल अपने-आप को सत्ता में रखने के लिए लोगों को मुद्दों से भटकाए। 

दिल्ली विश्वविद्यालय के शिवाजी कॉलेज में पढ़ाने वाले रितिकई ने बताया कि मैं पार्टियों के पोस्टर पर लगे बड़ी तस्वीरों को ध्यान में रखकर नहीं बल्कि छोटी तस्वीरों को ध्यान में रख कर वोट दे रहा हूं। प्रधानमंत्री और बड़े नेता तो हमारी समस्या सुनने आएंगे नहीं। हमारी समस्या तो हमारे प्रत्याशी ही सुनेंगे तो उन्हीं को केंद्र में रख वोट देना चाहिए। 

एमबीए की पढ़ाई करने वाली लतिका ने कहा कि उन्हें मौजूदा सरकार का काम पसंद है। उन्होंने बताया कि नोटबंदी के जरिए मौजूदा सरकार ने भ्रष्टाचार को खत्म किया है। मैनें एक मजबूत सरकार के लिए वोट किया है।   लेडी हार्डिंग कॉलेज में नर्सिंग की पढ़ाई करने वाली निधि ने बताया कि उन्होंने रोजगार और शिक्षा को ध्यान में रखते हुए अपना वोट दिया है।
 
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