मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को अभिमन्यु बताता एक व्हाटएप मैसेज पिछले कुछ दिनों से वॉयरल हो रहा है। इसमें कहा गया है कि चुनावी मौसम में गठबंधन के ऑफर देकर कांग्रेस को केजरीवाल ने अपनी चाल में फंसा लिया है। इसी वजह से आज कांग्रेस अपने दफ्तर में बैठी है, जबकि केजरीवाल खुद दिल्ली की सातों सीटों पर प्रचार कर रहे हैं।
जानकारों का मानना है कि मैसेज की स्क्रिप्ट प्रो-आम आदमी पार्टी लग रही है। संभव है कि दिल्ली में काफी दिन से चल रही गठबंधन की सियासी के साइड इफेक्ट से आप कार्यकर्ताओं व समर्थकों को बचाने के लिए इसे कोई वॉयरल करवा रहा हो। उधर, आप ने इस तरह के किसी मैसेज से उसका ताल्लुक होने से इंकार किया है। प्रदेश संयोजक गोपाल राय का कहना है कि कांग्रेस से वैचारिक मतभेद होने के बावजूद आप ने भाजपा को हराने के लिए गठबंधन के साथ जाने का फैसला किया था। पार्टी अभी अपने फैसले पर कायम है।
व्हाटसएप ग्रुप्स पर वायरल हो रहे मैसेज में कहा गया है कि अरविंद केजरीवाल को यूं ही आधुनिक राजनीति का अभिमन्यु नहीं कहा जाता है। उन्होंने अपनी शतरंजी चाल गठबंधन ऑफर से कांग्रेस को चुनावी मौसम में अकबर रोड स्थित दफ्तर में बैठने को मजबूर कर दिया है। इतना ही नहीं, इसमें फंसकर कांग्रेस दो-फाड़ हो गई है। जबकि वह सातों सीटों पर अपने प्रचार अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं। लंबे मैसेज में इसी तरह की दूसरी आप समर्थक बातें लिखी गई हैं।