आम आदमी पार्टी (आप) ने आरोप लगाया है कि लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा ने उनके सात विधायकों को खरीदने की कोशिश की है। पार्टी नेता और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का दावा है कि इसके लिए भाजपा की ओर से 10-10 करोड़ रुपये की पेशकश की गई थी। वहीं भाजपा ने विधायकों को खरीदने के आरोपों का खंडन किया है। पार्टी का कहना है कि आम आदमी पार्टी के विधायक खुद ही उनकी पार्टी छोड़कर भाग रहे हैं।
भाजपा ने विधायकों को खरीदने के आरोपों का खंडन किया है। पार्टी का कहना है कि आम आदमी पार्टी के किसी भी नेता को खरीदने की जरूरत नहीं है। विधायक खुद ही उनकी पार्टी छोड़कर भाग रहे हैं। लोकसभा चुनाव में दिख रही हार से उसके नेता बेबुनियाद आरोप लगाकर लोगों को भ्रम में डालने का प्रयास कर रहे हैं। पार्टी ने कहा कि पहले केजरीवाल और पूर्वी दिल्ली से प्रत्याशी आतिशी के बाद अब उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का आरोप भी झूठा है।
बुधवार को प्रदेश कार्यालय में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि उपमुख्यमंत्री का कहना है कि वे समय आने पर बिकाऊ विधायकों के नाम बताएंगे। भाजपा उनसे पूछना चाहती है कि आप कौन से समय का इंतजार कर रहे हैं? क्या चुनाव खत्म होने के बाद सिसोदिया विधायकों के नाम बताएंगे। भाजपा, आम आदमी पार्टी के झूठ का पर्दाफाश दिल्ली के लोगों के बीच करेगी। नाम बताने के लिए नाम होने भी चाहिए भाजपा को बदनाम करने से काम नहीं चलने वाला है। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली की जनता आम आदमी पार्टी के कामों का हिसाब कर चुकी है।
माकन के बयान से सामने आई कांग्रेस की तड़प
कांग्रेस प्रत्याशी अजय माकन का बयान कि दिल्ली में बगैर गठबंधन जीत संभव नहीं, इसे लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा है कि माकन के बयान से साफ जाहिर है कि कांग्रेस गठबंधन के लिए कितना तड़प रही है। विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि सातों सीटों पर कांग्रेस के उम्मीदवार जम कर प्रचार कर रहे है वहीं आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार शांत हैं। उन्होंने कहा कि केजरीवाल और शीला दीक्षित दिल्ली की जनता को स्पष्ट करें कि उनका यह छिपा एजेंडा क्या है?