राजधानी की महिला मतदान करने में पुरुषों से पीछे नहीं है। कुछ मौका ऐसा भी रहा जब उनका वोट प्रतिशत पुरुषों के मुकाबले बढ़ा या आसपास रहा है। हालांकि, राजनीतिक पार्टियां सात सीटों पर महज एक सीट पर ही इन्हें उम्मीदवार बनाती है, लेकिन मतदान के प्रति दिल्ली में महिलाएं बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेती रही है।
कई मौके ऐसे रहे हैं, जिसमें इनके मतदान प्रतिशत पुरुषों के मुकाबले बढ़ा भी है। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की शहादत और सहानुभूति वोट के लिए बड़ी संख्या में दिल्ली की महिलाएं मतदान के लिए निकली थीं। पुरुषों के मुकाबले इनका मतदान प्रतिशत भी अधिक रहा था। 1984 के चुनाव में जहां पुरुषों का मतदान प्रतिशत 64.21 था तो वहीं महिलाओं का 64.83 प्रतिशत था।
इसी तरह आपात काल के बाद के लोकसभा चुनाव में भ्रष्टाचार, महंगाई, नसबंदी मुद्दे पर चुनाव में बड़ी संख्या में महिलाओं ने मतदान किया था। 1977 लोकसभा चुनाव में पुरुषों का मत प्रतिशत 71.88 प्रतिशत था तो वहीं महिलाओं का मत प्रतिशत 70.57 प्रतिशत रहा था। इसी तरह 1996 के लोकसभा चुनाव में भी महिलाओं का मत प्रतिशत पुरुषों के मुकाबले महज 1. 48 प्रतिशत ही कम था।