फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लोकसभा चुनाव 2019: दिल्ली के उत्तर-पश्चिम संसदीय क्षेत्र में नए चेहरों से रोचक हुआ मुकाबला

Wed, 01 May 2019 02:48 AM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
North-West Delhi Constituency
विज्ञापन

उत्तर पश्चिम दिल्ली लोकसभा सीट दिल्ली की इकलौती आरक्षित सीट है, जो 2008 के परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई थी। तीनों मुख्य दलों ने इस बार नए चेहरों को इस सीट से चुनाव मैदान में उतारा है। भाजपा, कांग्रेस और आप प्रत्याशी पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं। मुकाबला इसलिए भी दिलचस्प हो गया है कि डॉ. उदित राज की जगह भाजपा ने सूफी गायक हंसराज हंस को टिकट दिया है,वहीं आम आदमी पार्टी ने राखी बिड़लान की जगह स्थानीय नेता गुग्गन सिंह को उतारा है। 

विज्ञापन


हंसराज हंस को आप व कांग्रेस से चुनौती मिल रही है। कांग्रेस ने  राजेश लिलोठिया और आम आदमी पार्टी ने गुग्गन सिंह को उम्मीदवार बनाया है। एक दूसरे को चुनौती देने से मुकाबला यहां भी त्रिकोणीय है। हालांकि पिछले लोकसभा चुनाव को देखे तो दस विधानसभा सीट में 7 पर भाजपा आगे रही तो तीन विधानसभा क्षेत्रों में आप ने भाजपा से बेहतर प्रदर्शन किया था। मोदी लहर में कांग्रेस पार्टी तीसरे नंबर पर रही थी। अभी यहां बाहरी बनाम पैराशूट कैंडिडेट प्रचार-प्रसार चल रहा है। 

जाट मतदाताओं का रुझान भी अहम है
उत्तर पश्चिम दिल्ली लोकसभा सीट के मंगोलपुरी, सुल्तान पुरी, नांगलोई और नरेला सीट में दलितों की तादाद अधिक है, वहीं रोहिणी, रिठाला और बादली क्षेत्र में व्यापारी वर्ग की संख्या अधिक है। बाहरी दिल्ली का क्षेत्र जुड़े होने के कारण इस लोकसभा क्षेत्र में जाटों के भी कई गांव आते है। हर चुनाव में जाट मतदाताओं का रुझान भी अहम रहता है। 

विज्ञापन

कहने के लिए राजधानी का हिस्सा है, विकास में पिछड़ा

उत्तर-पश्चिम लोकसभा क्षेतर कहने के लिए तो देश की राजधानी का हिस्सा है, लेकिन विकास के मामले में मुख्य दिल्ली से काफी पीछे है। दस में तीन विधानसभा सीेटें भी इसी लोकसभा क्षेत्र में सुरक्षित है। हालत यह है  कि इलाका विकास के लिए तरस रहा है। मतदाताओं का भी कहना है कि विकास की बात तो सभी करते है, लेकिन कई इलाकों  में मूलभूत सुविधा तक नहीं। सीवर, पानी, बिजली, सड़क समेत कई सुविधाओं से वंचित है यह संसदीय क्षेत्र।

पिछड़े इलाके अधिक हैं
इस लोकसभा क्षेत्र में ज्यादातर इलाके पुनर्वास कॉलोनी व अनधिकृत, झुग्गी-झोपड़ी बस्तियां है। रोहिणी विधानसभा क्षेत्र ही ऐसा है, जहां विकास दिखाई पड़ता है। ऐसा इसलिए  भी है कि इस इलाके को डीडीए ने योजनागत तरीके से निर्माण किया है। वहीं नरेला, बादली, रिठाला, किराड़ी, मंगोलपुरी समेत अन्य विधानसभा की बात करें तो दिल्ली की चकाचौध से काफी पिछड़े हुए हैं।  

रोचक है मुकाबला
इलाके की जनता से चर्चा में यह बात उभर कर आई कि यहां रोचक व त्रिकोणीय मुकाबला है। उधर दबी जुबान में कांग्रेस व भाजपा के नेता यह कहते नहीं थक रहे है पार्टी ने बाहरी उम्मीदवार को टिकट दे दिया है। इससे कार्यकर्ता भी असंतुष्ट है। आम आदमी पार्टी ने भी पिछले बार राखी बिड़लान को उतारा था तो इस बार गुग्गन सिंह को मैदान में उतारा है। 
विज्ञापन

2014 का चुनाव:  किस विधानसभा क्षेत्र में किस पार्टी का रहा दबदबा

विधानसभा        भाजपा            आप        कांग्रेस        जीत का अंतर
नरेला            69059        52343        14320        16716
बादली            48879        51293        20143        -2414    
रिठाला            84596        46959        15294        37637
बवाना            79690        64632        19089        15058
मुंडका            71768        54569        15254        17199
किराड़ी        57107        67377        11593        -10270
सुल्तानपुरमाजरा    29104        60134        13581        -31030
नांगलोई जट        64710        48258        18230        16452
मंगोलपुरी        48971        47449        18540        1522
रोहिणी            73645        29828        11198        43817

चुनाव 2014 में किसे कितने वोट मिले
कुल वोट पड़े        1353181            
भाजपा            627529
आप            522842
कांग्रेस            157242

कुल मतदाता-       2343122
पुरूष मतदाता-     1286827
महिला  मतदाता-   1056135
थर्ड जेंडर-160

वोट प्रतिशत 
एससी-22-25
ब्राह्मण-12-13
वैश्य-10-11
ओबीसी
पंजाबी
सिख
जाट-11-12 प्रतिशत।
पंजाबी-6-7 प्रतिशत।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें