प्रदेश कांग्रेस में गुटबाजी एक बार फिर चरम पर है। पार्टी नेतृत्व ने जब शीला दीक्षित को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया था तो ऐसा माहौल कायम होता दिखा कि पार्टी में आपसी रार खत्म हो गई है, पार्टी कार्यकर्ता भी एक प्लेटफार्म पर दिखाई देने लगे थे, लेकिन अब एक बार फिर पार्टी दो फाड़ दिख रही है। आम आदमी पार्टी से गठबंधन के मुद्दे पर तो दोनों धड़े खुल कर राजनीति करते दिखाई पड़ रहे हैं।
लोकसभा चुनाव की बिसात बिछ चुकी है, लेकिन दिल्ली में पार्टी ने अभी तक चुनावी कैंपेन शुरू नहीं किया है। कार्यकर्ता भी इस ऊहापोह में हैं कि किस प्रत्याशी के लिए घर से बाहर निकले। उधर, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन व प्रभारी पीसी चाको आम आदमी पार्टी से लोकसभा चुनाव में गठबंधन करने के लिए मोर्चा खोले हुए हैं।
दूसरी तरफ शीला दीक्षित गुट गठबंधन के खिलाफ लगातार मोर्चा खोले हुए है। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार कार्यकारी अध्यक्ष भी इस गुटबाजी में प्रदेश नेतृत्व का खुल का समर्थन करते नहीं दिखाई पड़ रहे हैं। वहीं पार्टी के पूर्व सांसद भी गठबंधन करने पर ही चुनावी मैदान में उतरने की लगातार बात कर रहे हैं। ऐसे में दो ध्रुव में बंटी पार्टी लोकसभा चुनाव की तैयारी की बजाए अपने में ही उलझी दिखाई पड़ रही है। यहां तक की बूथ मैनेजमेंट के लिए भी किसी तरह की बैठक नहीं हो पा रही है।