चुनावी प्रचार के आखिरी सप्ताह में भाजपा आक्रामक भूमिका में आ चुकी है। पिछले तीन दिन से कभी आप तो कभी कांग्रेस पर लगातार जारी हमले पार्टी की नई चुनावी रणनीति की ओर इशारा कर रहे हैं। दिल्ली में 10 मई को चुनाव प्रचार का आखिरी दिन है। भाजपा इसी पूरे सप्ताह में विपक्षी दलों को उलझाए रखने के लिए नई रणनीति पर काम भी कर रही है। इसमें बड़ी रणनीति आप विधायकों को समेटना है। 2014 के चुनाव में दिल्ली में भाजपा को आप से टक्कर मिली थी। इसीलिए माना जा रहा है कि आम आदमी पार्टी को उलझाने के लिए भाजपा उनके विधायकों को खींचने में जुटी है।
नई रणनीति के तहत आप विधायकों को अपने दल में शामिल करना, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की घोषणाओं को लेकर झूठ के आरोप, पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित पर महिलाओं की सुरक्षा न करने का आरोप, कांग्रेस राज में दिल्ली दुष्कर्म राजधानी होने का आरोप जनता के सामने ले जाए जा रहे हैं। इसके साथ भाजपा और उसके नेता हर आरोप पर तीखी प्रतिक्रियाएं भी दे रहे हैं।
सोशल मीडिया से शुरू करके पार्टी अब बूथ स्तर तक दोनों ही नेताओं और उनके पार्टियों की विफलताओं को गिनाना शुरू कर दिया है। भाजपा ने अरविंद केजरीवाल के खिलाफ केजरीवाल के नौ झूठ नाम से अभियान छेड़ दिया है। इतना नहीं पार्टी की इसी योजना में 8 मई को दिल्ली में होने वाली पीएम मोदी की महारैली भी शामिल है।
सीएम के ट्वीट के चार घंटे के अंदर वाजपेयी हुए शामिल
शुक्रवार को सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने स्पष्ट कहा कि आप पार्टी के विधायकों को खरीदना आसान नहीं है। पहले भी कई बार कोशिशें नाकाम हुई है। इस ट्वीट के ठीक चार घंटे बाद आप विधायक अनिल वाजपेयी दिल्ली भाजपा के प्रदेश कार्यालय में नजर आ रहे थे।
केजरीवाल का झूठ अभियान में भाजपा के दावे
1. पानी एक अधिकार के रुप में प्रदान किया जाएगा।
2. दिल्ली को सोलर सिटी बनाया जाएगा।
3. जनता अपनी बिजली कंपनी का चुनाव कर सकेगी।
4. दिल्ली में खुद का पावर स्टेशन।
5. डिसकोम की कैग से ऑडिट कराएंगे और आरटीआई के दायरे में लाएंगे।
6. बिजली कंपनियों का ऑडिट करेंगे और बिल आधा करेंगे।
7. संवैधानिक दायरे में पूर्ण राज्य का रास्ता तलाशेंगे।
8. सभी फैसले जनता से पूछकर लेंगे, स्वराज बिल।
9. सरकार आते ही जनलोकपाल बिल पास करेंगे।
अनिल वाजपेयी जैसे और दिखेंगे चेहरे
दिल्ली भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की मानें तो उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का अपने ही विधायकों के बिकने का बयान भारी पड़ने वाला है। बताया जा रहा है कि जल्द ही अनिल वाजपेयी जैसे कई आप विधायकों के चेहरे भाजपाई रंग में नजर आ सकते हैं। इसके लिए तमाम बड़े नेता भी जद्दोजहद में जुट गए हैं।