आम आदमी पार्टी ने मंगलवार को पूर्वी दिल्ली सांसद महेश गिरी का रिपोर्ट कार्ड जारी किया। पार्टी का आरोप है कि बीते पांच सालों में महेश गिरी अपने इलाके से गायब रहे। आलम यह है कि पूर्वी दिल्ली का आम मतदाता अपने सांसद का नाम तक नहीं जानता।
पार्टी कार्यालय में दिल्ली प्रदेश संयोजक गोपाल राय ने कहा कि 2014 के लोक सभा चुनाव के वक्त महेश गिरी ने वायदा किया था कि वह पूर्वी दिल्ली में नार्थ व साउथ कैंपस की तर्ज पर ईस्ट कैंपस भी खुलवाएंगे। चुनाव जीतने के बाद उन्होंने शिलान्यास भी किया। लेकिन बाद में पता चला कि इसके लिए उन्होंने जमीन तक आवंटित नहीं कराई।
दिल्ली में आप की सरकार बनने के बाद जब पता किया गया तो डीडीए ने जमीन खरीदने की बात की। इसके बाद करीब डेढ़ साल में दिल्ली सरकार ने जमीन खरीदी। फिर, कहीं जाकर कैंपस का निर्माण कार्य शुरू हो सका। इसके अलावा सांसद ने चिल्ला गांव को गोद लिया था।
लेकिन अभी तक गांव को बुनियादी सुविधाओं को इंतजार है। गोपाल राय का आरोप है कि महेश गिरी की विकास कार्य में दिलचस्पी नहीं है। इसकी जगह उन्होंने सांप्रदायिक तनाव बढ़ाकर लोगों को बांटने का काम किया।
सीवर लाइन डालने के लिए एनओसी तक नहीं दिलवा सके : आतिशी
आप प्रत्याशी आतिशी का आरोप है कि ओखला के कई इलाके डीडीए की जमीन है। यहां पानी व सीवर लाइन डालनी है। दिल्ली सरकार की कई बार की गुजारिश के बावजूद सांसद डीडीए से इसकी एनओसी नहीं दिलवा सके।
वहीं, गाजीपुर लैंडफिल के लिए वैकल्पिक जमीन आवंटित करवाने का चुनावी वायदा भी हवा-हवाई साबित हुआ। दूसरी तरफ हड़ताल के लिए मशहूर पूर्वी दिल्ली के सफाई कर्मियों की मदद करने के लिए वह आगे नहीं आए। आतिशी ने कहा कि इस चुनाव में पूर्वी दिल्ली की जनता भाजपा को सबक सिखाएगी।