राजधानी में इस बार लोकसभा चुनाव में उम्मीदवारों के जीतने की हैट्रिक का छक्का लगने की संभावना है। यह कारनामा उत्तर पूर्व दिल्ली क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार मनोज तिवारी कर सकते हैं। वे दिल्ली से दो बार लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं। इससे पहले पांच उम्मीदवार ये उपलब्धि हासिल कर चुके हैं।
उत्तर पूर्व दिल्ली क्षेत्र से मनोज तिवारी ने वर्ष 2014 में लोकसभा चुनाव लड़े थे। तिवारी ने उस समय सांसद जेपी अग्रवाल को हराया था। वर्ष 2019 में भाजपा ने एक बार फिर तिवारी को इस क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया और उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को हराकर लगातार दो बार जीत हासिल की।
लिहाजा, इस बार भी वे अगर जीतते हैं तो हैट्रिक हो जाएगी। कांग्रेस ने उनके जीत के सिलसिले को थामने के लिए कन्हैया कुमार को उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस के नवल प्रभाकर, चौ. ब्रह्मप्रकाश व एचकेएल भगत और भाजपा के जगमोहन व विजय गोयल हैट्रिक लगा चुके हैं।
सबसे पहले नवल प्रभाकर तीन बार जीते
राजधानी में लोकसभा चुनाव जीतने के मामले में सबसे पहले कांग्रेस के नेता नवल प्रभाकर ने हैट्रिक लगाई थी। वे वर्ष 1952 व 1957 में बाहरी दिल्ली क्षेत्र से चुनाव जीते थे। उस समय बाहरी दिल्ली क्षेत्र से दो-दो सांसद चुने गए थे। वर्ष 1962 में वह करोल बाग क्षेत्र से सांसद बने थे। उनके बाद दिल्ली के पहले मुख्यमंत्री चौ. ब्रह्मप्रकाश ने हैट्रिक लगाई थी।
वे वर्ष 1957 में दिल्ली सदर क्षेत्र व वर्ष 1962 व 1967 में बाहरी दिल्ली क्षेत्र से सांसद बने थे। इस मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री एचकेएल भगत तीसरे स्थान पर रहे थे। वे लगातार वर्ष 1980, 1984 व 1989 में पूर्वी दिल्ली क्षेत्र से सांसद चुने गए थे। हालांकि, वे वर्ष 1971 में पहली बार सांसद बने थे, लेकिन वर्ष 1977 में हार गए थे।
जगमाेहन व गोयल ने एक साथ बनाई थी हैट्रिक
पूर्व केंद्रीय मंत्री जगमोहन व विजय गोयल ने लोकसभा चुनाव जीतने की हैट्रिक लगाई थी। दोनों नेताओं ने वर्ष 1996 में लोकसभा चुनाव लड़ने की शुरुआत की थी और वर्ष 1996, 1998 व 1999 में लगातार चुनाव जीते थे। जगमोहन ने तीनों चुनाव नई दिल्ली क्षेेत्र से लड़े थे, जबकि विजय गोयल वर्ष 1996 में दिल्ली सदर क्षेत्र और वर्ष 1998 व 1999 में चांदनी चौक से चुनाव जीते थे।