बुलंदशहर सीट से चुनाव में कांग्रेस ने अपने दो दिग्गज नेताओं में से सामान्य वर्ग के लिए रघुवर दयाल मिश्रा और आरक्षित वर्ग के लिए कन्हैया लाल बाल्मीकि को मैदान में उतारा। इनके खिलाफ अखिल भारतीय जन संघ से मान सिंह, सोशलिस्ट पार्टी से ऊषा गुजराल और अखिल भारतीय अनुसूचित जाति महासंघ से गंगा राम चुनावी मैदान में उतरे। चुनाव में 6,96,063 वोट पड़े, जो 45.20 फीसदी थे। सबसे अधिक 223717 वोट कन्हैया लाल बाल्मीकि को मिले। वहीं, दूसरे नंबर पर रघुवर दयाल मिश्रा को 181068 पहली प्राथमिकता के वोट मिले।
अखिल भारतीय अनुसूचित जाति महासंघ के प्रत्याशी ने भी अच्छे वोट पाए। वहीं, सोशलिस्ट पार्टी 107732 वोट के साथ चौथे नंबर पर रही। उपलब्ध रिकॉर्ड के मुताबिक कन्हैया लाल बाल्मीकि खुर्जा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते थे। वहीं, रघुवरदयाल मिश्रा बुलंदशहर के इलाकों का प्रतिनिधित्व संसद में करते रहे। यह वह समय था जब प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की अगुआई में देश में कांग्रेस की लहर बनी हुई थी। यूपी में 86 में से 81 सीट जीती थीं।
पाकिस्तान से आए कन्हैया लाल
पहले सांसद कन्हैया लाल बाल्मीकि प्रोविंशियल पाकिस्तान में शामिल बलूचिस्तान के खानई गांव में पैदा हुए थे। जन्म के कुछ साल के बाद उनका परिवार इलाहाबाद में आ गया। यहां उनकी शुरुआती पढ़ाई हुई। इसके बाद वह मेरठ पढ़ने आ गए। यहां वह कांग्रेस के नेताओं के संपर्क में आकर सक्रिय राजनीति का हिस्सा बने। भारत छोड़ो आंदोलन में भी वह शामिल रहे और जेल गए। वह आम जनता की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाकर उनका हल निकलवाने का प्रयास करते थे।