आप के दिल्ली प्रदेश संयोजक गोपाल राय
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आम आदमी पार्टी (आप) ने लगातार दूसरे दिन कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष शीला दीक्षित पर हमला बोला है। पार्टी ने शीला दीक्षित से सवाल किया है कि क्या कांग्रेस ने 2013 और 2015 के घोषणा पत्र में दिल्लीवालों से झूठा वादा किया था। पार्टी ने कांग्रेस अध्यक्ष पर दिल्लीवालों को गुमराह करने का आरोप लगाया है। आप के मुताबिक, दिल्ली की सभी समस्याओं का समाधान पूर्ण राज्य का दर्जा मिलने के बाद ही मिलेगा।
दरअसल, मंगलवार को शीला दीक्षित ने कहा था कि दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा नहीं दिया जा सकता। लोकसभा चुनाव के समय में इसे चुनावी मुद्दा बनाने से भी वह राजी नहीं थीं। इस पर सवाल करते हुए आप के दिल्ली प्रदेश संयोजक गोपाल राय ने बुधवार को कहा कि अगर दिल्ली पूर्ण राज्य नहीं हो सकती तो किसी आधार पर मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने 2013 के चुनावी घोषणा में शामिल किया था।
शीला दीक्षित के बयान को हैरानी भरा बताते हुए गोपाल राय ने कहा कि पहले किन मजबूरियों के तहत कांग्रेस व तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने का वादा किया था। वहीं, अब कौन सा दबाव है, जिसके तहत वह मुकर रही हैं।
गोपाल राय ने सवाल किया कि अगर यह लोकसभा का मुद्दा नहीं है तो उपप्रधानमंत्री रहते हुए लाल कृष्ण आडवाणी ने लोकसभा के सदन में दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने का प्रस्ताव कैसे रखा? गोपाल राय ने बताया कि जिस कमेटी को प्रस्ताव दिया गया था, उसके अध्यक्ष कांग्रेस के नेता रहे प्रणब मुखर्जी थे।
गोपाल राय ने नसीहत दी कि शीला दीक्षित को अपने पहले के चुनावी घोषणा पत्रों को पढ़कर इस बारे में कुछ कहना चाहिए। आप पूर्ण राज्य के मसले पर दिल्ली में लोक सभा चुनाव लड़ रही है।