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#VoteKaro: दिल्ली आज सुनाएगी अपना फैसला, सभी सात सीटों पर मतदान, इनमें है मुकाबला

Sun, 12 May 2019 04:34 AM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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गौतम गंभीर-आतिशी - फोटो : सोशल मीडिया
दिल्ली की सातों सीटों की किस्मत का फैसला जनता आज सुनाने जा रही है। ईवीएम का बटन दबाते वक्त मतदाता के दिमाग में रोजाना की जिंदगी पर असर डालने वाले मसले हावी रहे या राष्ट्रवाद या फिर पूर्ण राज्य, इसका पता 23 मई की मतगणना के बाद ही पता चलेगा। लेकिन हर सीट के अपने खास मुद्दे हैं। सातों सीटों के बड़े मुद्दों पर प्रकाश डालती रिपोर्ट...

पूर्वी दिल्ली: मुख्य प्रत्याशी: त्रिकोणीय मुकाबले में भाजपा ने क्रिकेटर गौतम गंभीर का उतारा है। वहीं, आम आदमी पार्टी (आप) ने आतिशी पर भरोसा किया है। जबकि कांग्रेस के टिकट पर अरविंदर सिंह लवली चुनाव लड़ रहे हैं। 

प्रमुख मुद्दे: अनधिकृत कॉलोनियों में बुनियादी सुविधाओं का विकास बड़ा मुद्दा है। इसके साथ ही गर्मी शुरू होने के साथ गंदे पानी की सप्लाई से मतदाता परेशान हैं। क्षेत्र में पानी की सप्लाई बाधित होने की शिकायत भी आम है। पूर्वी दिल्ली की जीवन रेखा के तौर पर काम करने वाला विकास मार्ग व रोड नंबर-57 पर ट्रैफिक जाम की समस्या कायम है।  पीक आवर्स में मिनटों का सफर तय करने में घंटों का समय जाया होता है। अंडरपास व फ्लाईओवर बनाने की कई योजनाएं अभी तक सिरे नहीं चढ़ सकी हैं। गाजीपुर लैंडफिल साइट भी इलाके का अहम मसला है।

कैंपेन : आप प्रत्याशी और भाजपा उम्मीदवार के बीच निजी आरोपों-प्रत्यारोपों के बीच चुनावी संघर्ष बेहद निम्र स्तर पर चला गया है। कांग्रेस ने भाजपा व आप के उम्मीदवार को बाहरी बताते हुए बाहरी बनाम स्थानीय के मुद्दे को भी हवा दी है।
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Manoj Tiwari-Dilip Pandey-sheila dixit - फोटो : Amar Ujala
उत्तर पूर्वी दिल्ली:
मुख्य प्रत्याशी : त्रिकोणीय मुकाबले में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं, आम आदमी पार्टी (आप) ने दिलीप पांडेय का उतारा है। जबकि कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष शीला दीक्षित मैदान में हैं।
प्रमुख मुद्दे : देश की सबसे घनी बसावट वाली उत्तर पूर्वी दिल्ली विकास के पैमाने पर अभी भी बाकी दिल्ली से पीछे छूटी हुई है। बेतरतीब बसी हुई कॉलोनियां अभी विकास की बाट जोह रही हैं। वहीं, खुले नालों के किनारे बने मकानों में कई बार गंदा पानी भर जाता है। बड़ी संख्या में कॉलोनियों में सीवर का नेटवर्क नहीं बना है। कागज पर फ्लाईओवर व अंडरपास के कई प्रोजेक्ट तैयार होने के बावजूद भी जीटी रोड व वजीराबाद रोड पर जाम आम रहता है। सप्लाई बाधित रहने के साथ पानी गंदा भी आता है। 
कैंपेन : पूर्वांचल बहुल इस सीट पर पूर्वांचली अस्मिता अहम मुद्दा है। सीट पर दो मौजूदा व एक पूर्व अध्यक्ष आमने-सामने हैं। तीनों खुद को पूर्वांचल की पृष्ठभूमि का बताते हुए पूर्वांचल समुदाय के लोगों को लामबंद करने की कोशिश कर रहे हैं। बसपा सुप्रीमो मायावती की दिल्ली की इकलौती चुनावी रैली इसी क्षेत्र में होने से दलित कार्ड भी खेला जा रहा है।
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Hans Raj Hans- Rajesh Lilothia-gugan singh ranga - फोटो : Amar Ujala
उत्तर पश्चिमी दिल्ली :
मुख्य प्रत्याशी : भाजपा ने सूफी गायक हंसराज हंस पर भरोसा जताया है। वहीं, आम आदमी पार्टी (आप) के टिकट पर गुग्गन सिंह मैदान में हैं। कांग्रेस से कार्यकारी उपाध्यक्ष राजेश लिलौठिया चुनाव लड़ रहे हैं।
प्रमुख मुद्दे : गरमी में प्रदूषित पेयजल सप्लाई बड़ी समस्या है। वहीं, दूर-दराज के इलाकों में सार्वजनिक परिवहन की हालत खस्ता है। शाम ढलते ही बसें मिलनी मुश्किल हो जाती हैं। स्कूलों की खस्ता हालत को लेकर शिकायत भी कई इलाकों में है। ग्रामीण इलाकों में चिकित्सा की सुविधा पर्याप्त नहीं है। भलस्वा लैंडफिल साइट को लेकर भी स्थानीय निवासी शिकायत करते रहे हैं। इसे शिफ्ट करने की अमूमन लोगों की मांग रही है। इसको लेकर कई बार लोगों ने प्रदर्शन भी किया है। 
कैंपेन : आम आदमी पार्टी ने भाजपा व कांग्रेस के प्रत्याशियों को बाहरी बताते हुए इस मसले को हवा दे रखी है। आम आदमी पार्टी ने हंसराज हंस पर धर्म परिवर्तन का आरोप लगाया था। भाजपा ने कांग्रेस के पूर्व मंत्री राजकुमार चौहान मतदान से एक दिन पहले अपने पाले में शामिल कर चुनावी हवा अपने पक्ष में बनाने की कोशिश की है।

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parvesh verma-Mahabal Mishra-Balbir Singh Jakhar - फोटो : Amar Ujala
पश्चिमी दिल्ली:
मुख्य प्रत्याशी : भाजपा से प्रवेश वर्मा चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं, आम आदमी पार्टी (आप) के टिकट से बलबीर सिंह जाखड़ मैदान में हैं। कांग्रेस ने महाबल मिश्रा का टिकट दिया है।
प्रमुख मुद्दे : ग्रामीण इलाकों में खेती-किसानी की बदहाल स्थिति बड़ा मसला है। सिंचाई का नेटवर्क विकसित न होने से किसानों को बारिश के पानी पर निर्भर रहना पड़ता है। फसल बीमा योजना लागू न होने की भी शिकायत भी किसानों को है। ग्रामीण इलाकों के साथ दूर-दराज के इलाकों में सार्वजनिक परिवहन की खस्ता हालत बड़ा मसला है। नजफगढ़, उत्तम नगर व मटियाला में पानी की खराब सप्लाई अहम मसला है। बसों की सर्विस खराब होने के साथ कई इलाके अभी मेट्रो से दूर हैं। अनधिकृत कालोनियों में बुनियादी सुविधाओं का विकास भी मसला है। उत्तम नगर, जनकपुरी, नांगलोई व नजफगढ़ इलाके की सड़के अमूमन ट्रैफिक में फंसी है।
कैंपेन : मतदान से एक दिन पहले आप प्रत्याशी बलबीर जाखड़ के बेटे ने आरोप लगाया कि उनके पिता ने आम आदमी पार्टी का टिकट पैसे देकर खरीदा था। इससे पहले तमाम प्रत्याशी अपने पक्ष में हवा बनाने की कोशिश करते रहे हैं।
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Raghav Chadha-Ramesh Bidhuri-Vijendra Kumar - फोटो : Amar Ujala
दक्षिणी दिल्ली :
मुख्य प्रत्याशी : त्रिकोणीय मुकाबले में भाजपा के रमेश बिधूड़ी मैदान में हैं। वहीं, आम आदमी पार्टी (आप) से राघव चड्ढा चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस ने मुक्केबाज विजेंदर सिंह पर भरोसा जताया है।
प्रमुख मुद्दे : संगम विहार, देवली जैसे इलाकों में पेयजल की सप्लाई चुनावी मसला है। कई इलाकों में 30-30 दिनों तक पानी नहीं आता। लिहाजा लोगों को टैंकर पर निर्भर रहना पड़ता है। मेट्रो फेज-चार मंजूर न होने से खराब सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में सुधार में उम्मीद नहीं अभी नहीं बनी है। धौला कुंआ का जाम दैनिक यात्रियों की बड़ी समस्या है। इससे गुरुग्राम, दिल्ली से आईजीआई एयरपोर्ट जाने वालों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
कैंपेन : पूर्वांचल बहुल इलाकों में पूर्वांचली अस्मिता के मसले को भी तीनों प्रमुख दलों ने जोर-शोर से उठाया है। मेट्रो फेज चार की मंजूरी न मिलने का मामला भी राजनीतिक विमर्श में शामिल है। 
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brijesh goyal-ajay maken-meenakshi lekhi
नई दिल्ली:
मुख्य प्रत्याशी : त्रिकोणीय मुकाबले में भाजपा से मीनाक्षी लेख चुनाव लड़ रही हैं। वहीं, आम आदमी पार्टी (आप) ने बृजेश गोयल को टिकट दिया है। कांग्रेस ने अजय माकन मैदान में उतारा है।
प्रमुख मुद्दे :  स्मार्ट सिटी के तौर पर घोषित एनडीएमसी के कई इलाके अभी स्मार्ट नहीं हो सके हैं। नई दिल्ली के कई इलाकों में अभी भी पेयजल को लेकर बड़ी समस्या है। लोगों को टैंकर के भरोसे काम चलाना पड़ता है। एनडीएमसी इलाके में मंहगा पानी भी अहम मसला है। पिछले पांच के दौरान हुए विकास पर भी मतदाता सवाल उठा रहे हैं। कॉलोनियों में सुरक्षा व्यवस्था खराब है। आए दिन वाहनों की चोरी की शिकायत आने से लोग सीसीटीवी कैमरे लगवाने की बात भी करते हैं। कुछ इलाकों की स्कूली शिक्षा भी लचर है। बच्चों को पढ़ाने के लिए दूर के स्कूलों में भेजना पड़ता है।
कैंपेन - क्षेत्र में सीलिंग का मसला बेहद अहम रहा। सरकारी कर्मचारियों के बीच नई पेंशन स्कीम व सातवां वेतन आयोग का मसला चुनाव कैंपेन के दौरान बार-बार सामने आता रहा। 
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चांदनी चौक:
मुख्य प्रत्याशी : त्रिकोणीय मुकाबले में भाजपा ने डॉ. हर्षवर्धन को उतारा है। वहीं, आम आदमी पार्टी (आप) ने पंकज गुप्ता पर भरोसा जताया है। कांग्रेस के टिकट पर जेपी अग्रवाल चुनाव लड़ रहे हैं। 
प्रमुख मुद्दे : दिल्ली का व्यापारिक गतिविधियों के केंद्र रहे इस इलाके में नोटबंदी, सीलिंग व जीएसटी बड़ा मसला है। व्यापारियों को सबसे ज्यादा शिकायत सीलिंग से है। वहीं, चांदनी चौक के ट्रैफिक जाम को लेकर भी व्यापारी परेशान हैं। मुख्य सड़क पर पैदल चलना मुश्किल रहता है। इसके साथ ही पार्किंग की समस्या भी बड़ी है। लोगों को वाहन खड़ा करने की जगह तक नहीं मिलती। इससे बाजार में आने वाले खरीददारों को बड़ी मुश्किल होती है। जिसका असर कारोबार पर पड़ता है। सीवर व पानी की समस्या भी आम है। भीतरी इलाकों में बसों की फ्रीक्वेंसी कम है। मेट्रो चलने के बाद मुख्य रूट से बसें हटा ली गई हैं। 
कैंपेन- इस सीट पर सीलिंग का मुद्दा खासा अहम है। तीनों प्रत्याशियों ने बार-बार व्यापारियों की समस्याओं को दूर करने का वादा किया है। क्षेत्र के लोगों के लिए ट्रैफिक से जुड़ी परेशानी को हल करने की बात सभी प्रत्याशियों ने कही है। 
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