हिन्दू मान्यता के अनुसार लोग अपनों की अस्थि विसर्जन के लिए हरिद्वार व गढ़ गंगा का रुख करते हैं। वहीं इन दिनों लॉकडाउन के कारण अब लोगों को अस्थि विर्सजन के लिए यमुना का सहारा लेना पड़ रहा है। वहीं कुछ लोग लॉकर में अस्थियों को जमा कर रहे हैं ताकि लॉकडाउन के बाद अस्थियों को गंगा में बहाया जा सके।
निगम बोध घाट समिति के अध्यक्ष सुमन कुमार गुप्ता ने कहा कि अमूमन यहां शव का क्रियाक्रम करने के बाद अस्थियों का विसर्जन के लिए लोग हरिद्वार का रुख करते हैं। इन दिनों रास्ता बंद होने के कारण कुछ लोग यमुना में ही अस्थियों का विसर्जन कर रहे हैं। इसका एक बड़ा कारण यह भी है कि पिछले कुछ दिनों में यमुना का पानी साफ हुआ है और ऐसे में अब लोग पवित्रता का ध्यान रखते हुए भी यमुना में हीं अस्थियों का विसर्जन कर देते हैं।
लॉकर में जमा कर रहे हैं अस्थियां
सुमन गुप्ता ने बताया कि जो लोग अस्थियों का विसर्जन गंगा में करना चाहते हैं वो लोग लॉकर सुविधा का भी सहारा ले रहे हैं। इसके लिए श्मशान में ही दधिची अस्थि संग्रह बना हुआ है। उन्होंने बताया कि श्मशान में 200 से अधिक लॉकर हैं। जिन्हें निशुल्क रूप से लोगों को उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे में अभी डेढ़ सौ से अधिक लॉकर लोगों के पास हैं। लॉकडाउन खुलने के बाद कई लोग गंगा के लिए निकलेंगे।