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लॉकडाउन में दिखी एकता, मुस्लिम भाईयों ने भी दिया अर्थी को कंधा, किया राम नाम सत्य का उद्घोष

Mon, 30 Mar 2020 01:08 PM IST
पूजा त्रिपाठी संवाद न्यूज एजेंसी, अमर उजाला, बुलंदशहर
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बुलंदशहर में लॉकडाउन के दौरान दिखी एकता की मिसाल - फोटो : अमर उजाला
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कौन कहता है कि देश के लोगों के बीच एकता नहीं है, अगर इसकी मिसाल देखनी हो तो बुलंदशहर के साठा गांव की यह खबर पढ़िए जहां दोनों समुदायों में एकता साफ दिखाई देगी। यहां एक हिंदू भाई की मौत के बाद इलाके के मुस्लिम भाईयों ने उसकी अर्थी को श्मशान घाट तक कंधा दिया। जानिए क्या है यह पूरा मामला...
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बुलंदशहर में लॉकडाउन के दौरान दिखी एकता की मिसाल - फोटो : अमर उजाला
 बुलंदशहर में लॉकडाउन के दौरान हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल सामने आई है। साठा के गढ्डा निवासी एक कैंसर पीड़ित की मृत्यु के बाद उसका दाह संस्कार हिंदू मुस्लिम समाज के लोगों ने मिलकर कराया। लॉकडाउन के बावजूद भी एक पंडित बुलवाकर सारी क्रिया कराई और शमशान तक मिलकर कांधा दिया। सिर्फ यही नहीं अर्थी को कांधा देने वाले मुस्लिम भाईयों ने राम नाम सत्य है का भी उच्चारण किया।

बुलंदशहर में लॉकडाउन के दौरान दिखी एकता की मिसाल - फोटो : अमर उजाला
दरअसल कोरोना के चलते 21 दिन का लॉकडाउन चल रहा है । जिसके चलते न तो बाहर से कोई आ सकता है और न ही जा सकता है । इसी बीच नगर के साठा स्थित गड्ढा मोहल्ला निवासी रविशंकर की कैंसर के चलते मृत्यु हो गई। मृत्यु की खबर सुनने के बाद आसपास के रिश्तेदार तो शामिल हो गए, लेकिन दूर दराज के रिश्तेदारों को मुश्किल हो गई।

बुलंदशहर में लॉकडाउन के दौरान दिखी एकता की मिसाल - फोटो : अमर उजाला
इस बीच गली के हिंदू मुस्लिम समाज के लोग सामने आए और एक पंडित को बुलाकर दाह संस्कार समेत अन्य क्रियाएं कराई गईं। दिवंगत के पुत्र सोनू ने बताया कि यह मिश्रित आबादी वाला इलाका है।
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
सभी एक-दूसरे से मिलकर काम करते हैं। बताया कि उनके पिताजी की अर्थी को सभी ने मिलकर कांधा दिया था। अगर कोई कह रहा है कि सिर्फ मुस्लिमों ने ही कांधा दिया तो यह गलत है। यहां सब मिलजुल कर रहते हैं। पहले भी ऐसा कई बार हो चुका है कि जब सबने मिलकर कांधा दिया है।
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