लॉकडाउन-4 की तरफ बढ़ती दिल्ली में कारोबारी अपने स्तर पर बाजारों को खोलने की योजना तैयार कर रहे हैं। बुधवार को चैंबर्स ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने करीब 100 व्यापारिक संस्थानों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग की। इसमें फुटकर व थोक बाजारों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बहुमत की राय रही कि कुछ प्रतिबंधों के साथ लॉकडाउन-4 में दिल्ली के बाजारों को खोला जाना चाहिए। बैठक में विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने को व्यापारी तैयार दिखे।
आम आदमी पार्टी ट्रेड विंग और सीटीआई के संयोजक बृजेश गोयल ने बताया कि व्यापारियों के सुझाव दिल्ली सरकार को भेजे जाएंगे। कोशिश रहेगी कि लॉकडाउन चार में दिल्ली की कारोबारी गतिविधियों को इस तरह से चलाया जाए कि बगैर संक्रमण फैले व्यापार को पटरी पर लाया आ सके। सीटीआई का कहना है कि बैठक में 90 फीसदी व्यापारी मानते हैं कि बाजार और दुकानें खुलनी चाहिए। हालांकि, 10 फीसदी व्यापारियों का सुझाव था कि लॉकडाउन बढ़ना चाहिए।
ज्यादातर व्यापारी संस्थाओं का सुझाव था कि दिल्ली में बाजारों को खोलने को लेकर राहत दी जाए। अगर बाजार लंबे समय तक बंद रहे तो व्यापारी वर्ग इससे होने वाले आर्थिक नुकसान को नहीं झेल पाएगा। व्यापारियों का सुझाव था कि ऑड-ईवन के रूप में बाजारों को खोला जा सकता है।
बाजारों का समय भी अलग-अलग हो। इससे भीड़ एक साथ बाजार में नहीं पहुंचेगी। इसके साथ ही मास्क, सैनिटाइजर, सोशल डिस्टेंसिंग का सख्ती से पालन हो। आयोजकों का कहना है कि बैठक में मिले सुझावों का दस्तावेज तैयार कर सीटीईटी सरकार को सौंपेगा। इससे लॉकडाउन-4 के लिए व्यापारियों की राय पर भी सरकार विचार कर सकेगी।