दिल्ली यूनिवर्सिटी के करीब 40 बच्चे उस समय अवाक रह गए जब सोमवार को उनके प्राइवेट हॉस्टल के खाने में एक मरी हुई छिपकली पाई गई।
दिल्ली के हडसन लेन स्थित एक प्राइवेट पीजी में रहने वाली लड़कियों को अपने खाने में मरी छिपकली मिली। पीजी में रहने वाली एक लड़की ने बताया कि उन्होंने तुरंत छिपकली मिलने की सूचना पीजी मालकिन को देनी चाही।
जब लड़कियों ने मालकिन को फोन किया तो उनका फोन बंद आ रहा था। उस समय सभी लड़कियां अपने स्वास्थ्य को लेकर चिंतित थी और पीजी प्रशासन का कोई भी व्यक्ति मौजूद नहीं था।
खुद ही जाना पड़ा अस्पताल
दिल्ली के एसआरसी पीजी में रात के खाने में छिपकली पाए जाने के बाद हड़कंप मच गया और डर के मारे लड़कियां अकेले ही रात में पास के अस्पताल गईं और अपनी जांच कराई।
इस पीजी में रहने वाली अधिकतर लड़कियां डीयू के प्रथम वर्ष की छात्राएं हैं। छात्राओं ने बताया कि उनमें से ज्यादातर को इस पीजी में केवल 10 दिन ही हुए हैं।
नाम न उजागर होने की शर्त पर एक लड़की ने बताया कि वह इस हॉस्टल में 19 जुलाई को ही आई हैं और उन्होंने 8000 से भी ज्यादा रुपए किराए व बिजली के दिए हैं लेकिन फिर भी इतनी खराब क्वालिटी का खाना उन्हें दिया जा रहा है।
पुलिस में दर्ज हुई शिकायत
हालांकि पीजी मालिकों ने इस बात से इंकार करते हुए अपनी सफाई में कहा कि उनके यहां खाना एक कुक तैयार करता है जिसमें साफ-सफाई का पूरा खयाल रखा जाता है।
पीजी की मालकिन ने कहा कि ऐसा उनके पीजी में पहले कभी नहीं हुआ है। उन्होंने माना कि वो अपने यहां रहने वाली लड़कियों को बेहतर और सुरक्षित क्वालिटी का खाना ही मुहैया कराती हैं।
उन्होंने ये भी माना ये घटना एक गलती है जो उनकी तरफ से हुई है। हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि ऐसा कोई जानबूझकर नहीं करता और वो अपनी गलती मानती हैं। लड़कियों के कहने पर पीजी मालिकों के खिलाफ शिकायत भी दर्ज की।