अभिभावकों को स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट के लिए स्कूलों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी। दूसरे स्कूल में दाखिला लेने के साथ सर्टिफिकेट ऑनलाइन ट्रांसफर हो जाएगा।
इससे स्कूल को दोबारा बच्चे की डिटेल ऑनलाइन करने की जरूरत नहीं होगी। स्कूलों में दाखिलों के नाम पर होने वाले फर्जीवाड़े पर लगाम कसने के लिए शिक्षा विभाग मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (एमआईएस) के तहत रिकॉर्ड ऑनलाइन करा रहा है।
सरकारी स्कूलों के रिकार्ड मिलने के बाद अब विभाग का ध्यान निजी स्कूलों पर है। उम्मीद जताई जा रही है कि शैक्षणिक सत्र से पहले शिक्षा विभाग निजी स्कूलों से एमआईएस के तहत बच्चों से लेकर स्कूल तथा स्टाफ का डाटा ऑनलाइन का काम पूरा कर लेगा।
इस सिस्टम के लागू होने से विभाग के साथ बच्चों व अभिभावकों को फायदा होगा। बच्चे के डेटा ऑनलाइन करने के साथ ही स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट भी ऑनलाइन हो जाएगा और स्कूल छोडने पर स्वत: उसे ऑनलाइन ट्रांसफर भी हो जाएगा।
दूसरे स्कूल में बताना होगा कोड
यदि कोई बच्चा किसी स्कूल से दूसरे स्कूल में एडमिशन लेने जाता है तो उसे मात्र अपना कोड बताना होगा। उसकी स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट ऑनलाइन ट्रांसफर हो जाएगी।
इससे स्कूल को दोबारा बच्चे की डिटेल ऑनलाइन करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि बच्चे की रिकॉर्ड के साथ फोटो तक भी अपलोड की जाएगी। इसके अलावा बच्चों का परीक्षा परिणाम भी ऑनलाइन होगा।
एमआईएस सिस्टम का फायदा सिर्फ विभाग को नहीं है बल्कि स्कूल प्रबंधन, अभिभावक और बच्चे की दिक्कत भी कम होगी। एसएलसी सहित सभी प्रक्रिया का फायदा घर बैठे उठाया जा सकेगा। -सतेंद्र वर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी