पॉश साउथ एक्स इलाके में एक एजुकेशन इंस्टीट्यूट के सेंटर मैनेजर ने सैकड़ों छात्रों से 8 करोड़ से ज्यादा रुपये ठग लिए। आरोपी ने इंस्टीट्यूट के अन्य कर्मचारियों के साथ मिलकर फीस पैसे अपने खाते में जमा करा लिए और छात्रों को फर्जी सर्टिफिकेट थमा दिए। इंस्टीट्यूट मालकिन ने इसकी शिकायत दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) में की है। शिकायत पर मामला दर्जकर जांच शुरू कर दी गई है, हालांकि बृहस्पतिवार शाम तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया था।
ईओडब्ल्यू के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त शुभाशीष चौधरी ने बताया कि साउथ एक्स में चितवन मल्होत्रा (30) का लाइववायर्स नाम से दो मीडिया इंस्टीट्यूट है। वह पिछले पांच वर्षों से इंस्टीट्यूट चला रही हैं। इसमें एनिमेशन समेत मीडिया से जुड़े कोर्स कराए जाते हैं साथ में डिजाइन के कोर्स भी कराए जाते हैं। तबीयत खराब होने के कारण वह 30 मई 2018 को छुट्टी पर चली गई थीं। इस दौरान उन्हें पता चला कि सेंटर के मैनेजर झारखंड निवासी शैलेश कुमार ने इंस्टीट्यूट के अन्य कर्मचारियों के साथ मिलकर बड़ी धोखेबाजी की है।
आरोपी ने छात्रों से नकद और अपने खाते में फीस वसूली और इंस्टीट्यूट के डीन के फर्जी साइन कर छात्रों को कोर्स के फर्जी सर्टिफिकेट जारी कर दिए। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने 250 से ज्यादा छात्रों से करीब 8 करोड़ रुपये की बतौर फीस वसूले थे। छात्रों को दिए गए फर्जी सर्टिफिकेट साउथ एक्स में ही स्थित देहली फोटोस्टेट से छपवाए थे। फर्जीवाड़े के सामने आने के बाद छात्र शिकायत लेकर वापस इंस्टीट्यूट आ रहे हैं।
फर्जी इंस्टीट्यूट भी चला रहा था आरोपी
महिला ने शिकायत में ये भी कहा है कि आरोपी शैलेश फर्जी इंस्टीट्यूट भी चला रहा था। जिसे उसने चितवन मल्होत्रा के पते पर रजिस्टर्ड करा रखा है। ईओडब्ल्यू पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी शैलेश कुमार की तलाश की जा रही है। इस बात की भी जांच की जा रही है कि आरोपी उसके साथ इंस्टीट्यूट के कितने लोग मिले हुए थे।