दिल्ली एनसीआर के मौसम में मामूली बदलाव होने से दिल्ली की हवा में बुधवार को सुधार देखा गया। 24 घंटे के भीतर 24 अंकों की बेहतरी के साथ वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 276 पर पहुंच गया, जबकि मंगलवार को यह 300 तक चला गया था।
सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (सफर) का कहना है कि मिक्सिंग हाइट ऊपर जाने से प्रदूषक दूर-दूर तक फैल गए। फिर, दिल्ली पहुंचने वाली हवाओं की दिशा पुरवा होने से पंजाब व हरियाणा की तरफ से पुआल जलाने का धुआं भी यहां नहीं पहुंच सका। दोनों के मिलेजुले असर से प्रदूषण स्तर में गिरावट आई है।
सफर का पूर्वानुमान है कि मौसम में बड़ा फेरबदल नहीं होता तो अगले तीन दिनों तक हवा की गुणवत्ता 300 के आसपास खराब से बेहद खराब की सीमा रेखा पर बनी रहती। सीपीसीबी की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक, बुधवार शाम चार बजे तक 24 घंटे का एक्यूआई 276 पर रहा।
प्रदूषण के स्तर में गिरावट आने की बड़ी वजह मौसम में बदलावों को बताया जा रहा है। हालांकि, हवा की चाल पहले जैसी ही है, लेकिन मिक्सिंग हाइट ऊपर जाने से प्रदूषक तत्व दूर-दूर तक फैल गए हैं, जिससे सतह पर प्रदूषण के स्तर में कमी देखी गई।
सफर का कहना है कि पंजाब, हरियाणा समेत सीमावर्ती क्षेत्रों में मंगलवार को पुआल जलाने के मामले भी 300 के करीब दर्ज किए गए, लेकिन हवा की दिशा पुरवा होने से इसका असर दिल्ली-एनसीआर में नहीं रहा।
दिल्ली में बुधवार को सिर्फ एक फीसदी हिस्सा पुआल के धुएं का था। पूर्वानुमान है कि 17 अक्तूबर तक प्रदूषण के स्तर में ज्यादा फेरबदल नहीं होगा। सूचकांक खराब से बेहद खराब की सीमा रेखा में बना रहेगा।