दरअसल, कंपनी पहले चरण में साढ़े चार हजार करोड़ रुपये निवेश करेगी और ढाई वर्ष में उत्पादन शुरू कर देगी। 5050 मेगावॉट की क्षमता वाले पावर प्लांट के लिए छह सौ करोड़ का निवेश होगा। इसके अलावा सोलर सेल व सोलर पीवी माड्यूल लाइन में पहले चरण में 3900 करोड़ का निवेश करेगी। दूसरे चरण में 3500 करोड़ का निवेश और 5050 मेगावाट क्षमता का उत्पादन किया जाएगा। कंपनी ने लैंड सब्सिडी के अतिरिक्त प्रदेश सरकार से दो एकड़ जमीन सेंटर फार एक्सीलेंस के लिए प्रतिदिन 14 से 25 मेगालीटर पानी, 80 से 90 मेगावाट बिजली की मांग की है।
कंपनी के इस प्रोजेक्ट से करीब दस हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। अधिकारियों का दावा है कि बैटरी बनाने वाली कंपनी का यह सबसे बड़ा प्लांट होगा। यहां पर प्रतिदिन कई लाख बैटरियों के निर्माण किया जाएगा। प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि मेगा निवेश श्रेणी में प्रदेश सरकार की ओर से लैंड सब्सिडी एवं अन्य सुविधाओं का प्रावधान है। प्रदेश सरकार से कंपनी के प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने के बाद जमीन आवंटन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।