उत्तर प्रदेश की तर्ज पर अब दिल्ली में भी दंगाइयों से संपत्तियों के नुकसान का हर्जाना वसूला जा सकता है। दिल्ली सरकार ने इस दिशा में कदम बढ़ाया है। अधिकारियों का कहना है कि गृह विभाग ने दिल्ली हाईकोर्ट को पत्र भेजकर क्लेम कमिश्नर नियुक्त करने की गुजारिश की है। यह कमिश्नर दिल्ली के उत्तर पूर्वी जिले और जामिया नगर के दंगों में निजी व सार्वजनिक संपत्तियों के नुकसान का आकलन करेगा। जिम्मेदारी तय होने पर दंगाइयों से क्षतिपूर्ति कराई जा सकती है।
दिल्ली सरकार के सूत्रों के मुताबिक, पिछले हफ्ते हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश कार्यालय को एक पत्र लिखा गया है। इसमें प्रशासनिक अनुबंधों का जिक्र किया गया है। अब इस पर फैसला अदालत को करना है। इसके आधार पर क्लेम कमिश्नर नियुक्त करने की प्रक्रिया और उसके काम का दायरा तय होगा। हालांकि, अब तक इस बारे में अदालत से कोई जानकारी नहीं मिली है।
अधिकारियों के मुताबिक, सेवानिवृत्त जज या प्रशासनिक अधिकारी क्लेम कमिश्नर हो सकता है। इसकी मदद के लिए आर्थिक विशेषज्ञ की तैनाती होगी। यह नुकसान के आकलन में मददगार साबित होगा। कमिश्नर सरकारी व निजी स्रोतों से मिलने वाले वीडियो और तस्वीरों आदि के सहारे संपत्तियों की तोड़फोड़ व उससे होने वाले आर्थिक नुकसान का आकलन करेगा। वहीं, इसमें संलिप्त लोगों की भी पहचान होगी।
अधिकारियों ने बताया कि एक बार जवाबदेही तय होने के बाद इसकी जानकारी दंगा करने वालों को दी जाएगी। किसी संगठन की तरफ से किए गए आयोजन से दंगा फैला होगा तो उससे भी इसके आंकड़े साझा किए जाएंगे। इसके अधार पर रिपोर्ट तैयार कर क्लेम कमिश्नर हाईकोर्ट को सौंपेगा। वहां संबंधित पक्षों की सुनवाई होगी। सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में होनी है तो रिपोर्ट सबसे ऊपरी क्लेम कमिश्नर भेजेगा।
कुछ ही दिन पूर्व संसद में दिल्ली के दंगों पर बहस के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि जिन लोगों ने दंगा किया है, उनसे नुकसान की भरपाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा था कि सरकार को तय करना चाहिए कि संबंधित व्यक्ति की संपत्तियों को जब्त किया जाए। गृह मंत्री के मुताबिक, उन्होंने दिल्ली उच्च न्यायालय को क्लेम कमीशन नियुक्त करने के लिए पत्र लिखा है। इससे पहले, उत्तर प्रदेश सरकार ने भी पिछले सप्ताह सार्वजनिक व निजी संपत्तियों के नुकसान की भरपाई दंगाइयों से करने के लिए अध्यादेश पारित किया है। इस कड़ी में दिल्ली सरकार का पत्र अहम माना जा रहा है।