संशोधित मोटर व्हीकल एक्ट में बढ़े जुर्माने को वापस लेने और अन्य मांगों को लेकर हल्के व्यावसायिक वाहन संचालकों ने दिल्ली के कई इलाकों में प्रदर्शन किया।
आसपास के इलाकों में ऑटो, टैक्सी, ग्रामीण सेवा, ईको फ्रैंडली सेवा, ई-रिक्शा व मिनी बसों का संचालन नहीं होने के कारण दोपहर करीब दो बजे तक यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। संचालकों ने इस हड़ताल को सफल बताया है।
हल्के यात्री वाहनों की संघर्ष समिति के प्रवक्ता संजय बाटला ने कहा कि सांकेतिक हड़ताल की सूचना पहले ही प्रशासन को दी गई थी। समिति का दावा है कि उन्होंने लक्ष्मी नगर, खजूरी, सीलमपुर चौक, नजफगढ़ चौक, रिठाला मेट्रो, आश्रम चौक, उत्तम नगर, द्वारका में शांतिपूर्वक हड़ताल की।
साथ ही चेतावनी दी कि दो दिन में सरकारों ने हमारी मांगों पर विचार नहीं किया तो बड़ा आंदोलन होगा। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने शांतिपूर्ण हड़ताल को रोकने की कोशिश की। उन्होंने हड़ताल में ओला-उबर, ई-रिक्शा, ग्रामीण सेवा संचालकों के साथ होने का भी दावा किया।
बाटला ने कहा कि उनकी मांग हल्के वाहनों के संचालन के लिए परमिट शर्तें अलग करने की है। 90 प्रतिशत हल्के वाहन दिल्लीवासियों को हर कोने तक सेवा देते हैं।
दूसरी मांग ऑटो की तर्ज पर जुर्माना आधा करने और पुराने रेट माफ करने और तीसरी मांग दिल्ली और केंद्र सरकार के बीच उलझे मुद्दों को जल्द से जल्द सुलझाने की हैं। चौथी मांग हल्के वाहनों के लिए अलग से लेन बनाने की है, ताकि दुर्घटनाएं कम हो।