नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर बने फुटओवर ब्रिज की लिफ्ट में तकनीकी खराबी से छह लोग 45 मिनट तक फंसे रहे। पुलिस और टेक्नीशियन ने समय रहते सभी को सुरक्षित निकाला। समय रहते रेस्क्यू से बड़ा हादसा टल गया।
नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर बने फुटओवर ब्रिज की लिफ्ट में तकनीकी खराबी के कारण शुक्रवार सुबह छह लोग 45 मिनट तक लिफ्ट के अंदर फंसे रहे। डायल-112 पर घटना की सूचना मिलते ही सेक्टर-142 कोतवाली पुलिस बल और पीआरवी (पुलिस रिस्पॉन्स व्हीकल) टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय टेक्नीशियन की सहायता से सभी व्यक्तियों को सकुशल बाहर निकाला गया। समय रहते रेस्क्यू से बड़ा हादसा टल गया।
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सेक्टर-141 स्थित एडवांट के पास नोएडा-ग्रेटर नोएडा पर सड़क पार करने के लिए फुटओवर ब्रिज बना है। इसमें लिफ्ट भी लगी है। एक्सप्रेसवे के व्यस्ततम फुटओवर ब्रिजों में से लिफ्ट का प्रयोग बड़ी संख्या में राहगीर करते हैं। शुक्रवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे लिफ्ट बीच में रुक गई। इस कारण लिफ्ट में धर्मपाल सिंह (60) निवासी अमरोहा, अरविंद सिंह (33) निवासी मुरादाबाद, विकास सिंह (35) निवासी गाजियाबाद, बेनाम बादशाह (31) निवासी अलीगढ़, विशाल मलिक (44) निवासी बुलंदशहर, आकाश निवासी छपरौली सेक्टर-135 में अंदर फंस गए।
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लिफ्ट के अचानक रुकने से अंदर मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। उनमें से एक व्यक्ति ने मोबाइल के माध्यम से पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया और कुछ ही मिनटों में मौके पर पहुंची। पुलिस ने न सिर्फ भीड़ को नियंत्रित किया, बल्कि विशेषज्ञ तकनीकी टीम के साथ समन्वय कर तकनीशियन को मौके पर बुलाया। इसके बाद अंदर फंसे हुए व्यक्तियों को सुरक्षित बाहर निकाला। बीच में फंसी लिफ्ट को तकनीशियन ने किसी तरह ऊपर लिफ्ट को ऊपर खींचा।
वाहन आने के बाद राहत महसूस कर रहे लोगों ने पुलिस और टेक्नीशियन की तत्परता की सराहना की। लिफ्ट में फंसे लोगों ने कहा कहा अगर पुलिस समय पर न आती तो बहुत बड़ी अनहोनी हो सकती थी। गौरतलब है कि फुटओवर ब्रिजों की लिफ्टें अक्सर खराब होने की खबरें आती रही हैं। पिछले दिनों भी बीटा-2 कोतवाली क्षेत्र स्थित एक सोसाइटी की लिफ्ट में एक परिवार फंस गया था। डायल-112 पर मिली सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिसकर्मियों ने दरवाजा तोड़कर सभी को बाहर निकाला था।