अपर जिला न्यायाधीश-1 सत्य प्रकाश त्रिपाठी की कोर्ट ने हापुड़ के धौलाना थाना क्षेत्र में 2009 में अपहरण के बाद मासूम की गला दबाकर हुई हत्या में बुजुर्ग समेत छह आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने प्रत्येक आरोपी पर 60-60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राजेंद्र कसाना ने बताया कि 12 मार्च 2009 को धौलाना के रहने वाले मनोज कुमार राणा परिवार के साथ सपनावत स्थित साईं मंदिर गए थे। उनके साथ पत्नी और चार साल का बेटा शोभित उर्फ साहिल भी था। आरोप है कि इस दौरान उनका चचेरा भाई शक्ति सिंह वहां आया और उनके बेटे को आइसक्रीम के ठेले के पास से अगवा कर एक टेंपो में ले गया।
उन्होंने बताया कि टेंपो में चाचा वीर सिंह, उसका साला विष्णु और मुनेश, सत्येंद्र, सुरेश व इंद्रपाल पहले से ही बैठे थे, जो कि बच्चे को मोहम्मदपुर रुस्तमपुर गांव रोड स्थित पलवाड़ा गांव के ईख के खेत में ले गए थे। यहां उन्होंने साहिल को एक दिन तक खेत में ही भूखा-प्यासा रखा और अगले दिन सभी ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी।
इसके बाद सभी आरोप भाग गए। पिता मनोज ने शक्ति सिंह (17), वीर सिंह और उसके साले विष्णु के खिलाफ धौलाना क्षेत्र में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच की और 16 मार्च को तीनों नामजद व सत्येंद्र, सुरेश, मुनेश और इंद्रपाल को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया था।
इस मामले का अपर जिला न्यायाधीश की अदालत में पिछले 9 सालों से विचारण चल रहा था, जिसमें अदालत ने बृहस्पतिवार को सभी छह आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वहीं अभियुक्त शक्ति सिंह को जुवेनाइल कोर्ट ने जेल में बिताए गई अवधि की सजा सुनाई थी।