हालात ठीक रहने पर पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को सख्ती नहीं दिखाई। ज्यादातर लोगों ने भी हिम्मत दिखाकर अपनी-अपनी दुकानें खोल दीं। सड़क पर ई-रिक्शा, ऑटो व अन्य सवारियां दिखने लगी। सड़कों पर भी ठीक-ठाक चहल-पहल देखने को मिली। ब्रह्मपुरीपुरी रोड, घोंडा चौक, नूर-ए-इलाही, यमुना विहार, चांदबाग, करावल नगर, मुस्तफाबाद, दुर्गापुरी, जाफराबाद और सीलमपुर समेत तमाम जगह हालात सामान्य दिखाई दिए। लोगों ने भी जमकर खरीदारी की।
दंगे के बाद जले और लुटे हुए मकान व दुकानों की सुध लेने के लिए उनके मालिक पहुंचे। खुद स्पेशल सीपी लॉ एंड ऑर्डर सतीश गोलचा समेत कई अधिकारी मार्च कर लोगों से शांति की अपील करते हुए नजर आए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हर हाल में खत्म हुए सौहार्द को वापस लाएंगे।
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने दावा किया है कि 25 फरवरी के बाद से पूरे जिले में शांति बनी हुई है, जिले में कोई हिंसा नहीं हुई। उधर शिव विहार, बाबू नगर और चमन पार्क में अभी भी तनाव का माहौल बना हुआ है। कई गलियों के लोग अपने-अपने घरों को छोड़कर चले गए हैं। लोगों का दावा है कि शुक्रवार को कुछ लोग शिव विहार अपने मकानों की सुध लेने चले गए तो वहां उन पर दोबारा हमला किया गया। पुलिस अधिकारी इससे इंकार कर रहे हैं।
दूसरी ओर अंकित हत्या के आरोपी हाजी ताहिर हुसैन की दिल्ली पुलिस लगातार तलाश कर रही है। उसकी तलाश में दिल्ली और अमरोहा के ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। हिंसा मामलों की छानबीन कर रही दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की एसआईटी ने साइबर सेल से मदद मांगी है। साइबर सेल से कहा गया है कि हिंसा के बाद बरामद हुए वीडियो व सीसीटीवी फुटेज की जांच कर वह हिंसा करने वालों की पहचान करने में एसआईटी की मदद करदे। उपद्रवियों की तलाश में पुलिस की कई टीमें जगह-जगह छापेमारी कर रही हैं।