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दिल्लीः हिंसा के बाद पटरी पर लौटी जिंदगी, ज्यादातर दुकानें खुली, सड़कों पर चहल-पहल

Sun, 01 Mar 2020 05:12 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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रफ्ता-रफ्ता रफ्तार में आती जिंदगी - फोटो : अमर उजाला
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उत्तर-पूर्वी दिल्ली में कई दिन चली खौफनाक हिंसा के बाद अब जिंदगी आहिस्ता-आहिस्ता अपने कदम बढ़ाने लगी है। धारा-144 के बीच शनिवार को हिंसाग्रस्त इलाके में चहल-पहल दिखने लगी। तनाव वाले इलाकों में ज्यादातर दुकानें खुल गई। वहीं सड़कों पर गाडिय़ां निकलने लगी हैं। लोग भी अपने जले और लुटे हुए अशियानों की सुध लेने पहुंचना शुरू हो गए। हालांकि इन सब के बीच जिले में तनाव अभी भी बरकरार है। 

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जिले के चप्पे-चप्पे पर पुलिस के अलावा अद्र्धसैनिक बलों के जवान ढेरा डाले हुए हैं। दिल्ली पुलिस के कई विशेष आयुक्त लगातार गश्त कर रहे हैं। इसके साथ हिंसाग्रस्त इलाकों में फ्लैग मार्च भी निकाला जा रहा है। आईबी के जवान अंकित शर्मा के हत्या के आरोपी निगम पार्षद ताहिर हुसैन फिलहाल फरार है। उसकी तलाश में दिल्ली-यूपी में छापेमारी जारी है। 

दूसरी ओर कांग्रेस की पूर्व निगम पार्षद इशरत जहां को हिंसा फैलाने के आरोप में गिरफ्तार कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। वहीं दिल्ली पुलिस के नए पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव ने शनिवार को अपना पदभार भी संभाल लिया है। नए आयुक्त ने लोगों से शांति बनाए रखने और सांप्रदायिक सौहार्द कायम रखने की अपील की।
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उत्तर-पूर्वी दिल्ली में रविवार, सोमवार और मंगलवार हुई हिंसा के बाद जिले में लगातार तनाव बना हुआ था। पुलिस ने भी हिंसाग्रस्त इलाकों में धारा-144 के बहाने अघोषित कफ्र्यू लगाया हुआ था। प्रभावित इलाके में किसी को भी घर से बाहर निकलने नहीं दिया जा रहा था। शुक्रवार को सुबह और शाम पुलिस ने 10 घंटे की राहत देकर हालात का जायजा लिया। 

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नहीं दिखाई सख्ती

हालात ठीक रहने पर पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को सख्ती नहीं दिखाई। ज्यादातर लोगों ने भी हिम्मत दिखाकर अपनी-अपनी दुकानें खोल दीं। सड़क पर ई-रिक्शा, ऑटो व अन्य सवारियां दिखने लगी। सड़कों पर भी ठीक-ठाक चहल-पहल देखने को मिली। ब्रह्मपुरीपुरी रोड, घोंडा चौक, नूर-ए-इलाही, यमुना विहार, चांदबाग, करावल नगर, मुस्तफाबाद, दुर्गापुरी, जाफराबाद और सीलमपुर समेत तमाम जगह हालात सामान्य दिखाई दिए। लोगों ने भी जमकर खरीदारी की। 

दंगे के बाद जले और लुटे हुए मकान व दुकानों की सुध लेने के लिए उनके मालिक पहुंचे। खुद स्पेशल सीपी लॉ एंड ऑर्डर सतीश गोलचा समेत कई अधिकारी मार्च कर लोगों से शांति की अपील करते हुए नजर आए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हर हाल में खत्म हुए सौहार्द को वापस लाएंगे।

दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने दावा किया है कि 25 फरवरी के बाद से पूरे जिले में शांति बनी हुई है, जिले में कोई हिंसा नहीं हुई। उधर शिव विहार, बाबू नगर और चमन पार्क में अभी भी तनाव का माहौल बना हुआ है। कई गलियों के लोग अपने-अपने घरों को छोड़कर चले गए हैं। लोगों का दावा है कि शुक्रवार को कुछ लोग शिव विहार अपने मकानों की सुध लेने चले गए तो वहां उन पर दोबारा हमला किया गया। पुलिस अधिकारी इससे इंकार कर रहे हैं। 

दूसरी ओर अंकित हत्या के आरोपी हाजी ताहिर हुसैन की दिल्ली पुलिस लगातार तलाश कर रही है। उसकी तलाश में दिल्ली और अमरोहा के ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। हिंसा मामलों की छानबीन कर रही दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की एसआईटी ने साइबर सेल से मदद मांगी है। साइबर सेल से कहा गया है कि हिंसा के बाद बरामद हुए वीडियो व सीसीटीवी फुटेज की जांच कर वह हिंसा करने वालों की पहचान करने में एसआईटी की मदद करदे। उपद्रवियों की तलाश में पुलिस की कई टीमें जगह-जगह छापेमारी कर रही हैं।
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