प्रकरण में यह स्पष्ट है कि घटनास्थल जहां बच्ची की मृत्यु हुई है, वह अभियुक्त का बेडरूम है। कई गवाहों ने इस संबंध में बयान दिए हैं। वहीं, फरजाना ने बयान में कहा है कि बच्ची के गले में दुपट्टा फंस गया था। जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गले पर चोट का कोई निशान नहीं पाया गया।
बच्ची के चेहरे पर चार खरोंच के निशान मिले हैं। अदालत ने कहा कि ऐसा लगता है कि हाथ जैसी कोई चीज से बच्ची का मुंह और नाक बंदकर श्वास नली दबा दिया गया जिससे उसकी मौत हो गई और बच्ची के छटपटाने पर उसके चेहरे पर खरोंचें आ गईं।