इसके बावजूद अदालत ने फरजाना को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई और एक हजार रुपये का अर्थदंड जमा करने का भी आदेश दिया है। पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक के बयान महत्वपूर्ण माने गए।
फैसले में कोर्ट ने कहा है कि विवेचना के परिपेक्ष्य में परिस्थितियों की कड़ी से एक मजबूत शृंखला बन रही है जो ये प्रमाणित कर रही है कि कासिफा की मृत्यु न तो दुर्घटना में हुई है और न ही मृत्यु स्वाभाविक थी, बल्कि मानव वध था। बच्ची की हत्या फरजाना ने श्वास नली अवरोधित करके की है।