दिल्ली सरकार, पुलिस, विकास प्राधिकरण व नगर निगम के भ्रष्ट अधिकारियों व कर्मचारियों पर उपराज्यपाल अनिल बैजल ने सख्त रुख अपनाया है। बृहस्पतिवार को उपराज्यपाल ने इस बारे में आदेश जारी किया। दिल्ली पुलिस आयुक्त, मुख्य सचिव, दिल्ली विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष और दिल्ली के तीनों निगम आयुक्तों को उपराज्यपाल ने एक माह में भ्रष्ट अधिकारियों की लिस्ट तैयार कर उन्हें जबरन सेवानिवृत्त करने का आदेश दिया है।
राजनिवास में बृहस्पतिवार को एक बैठक में उपराज्यपाल ने वरिष्ठ अधिकारियों को सीसीएस (पेंशन) रूल्स, 1972 के एफआर 56 (जे)/रूल्स-48 के तहत कार्रवाई करने का निर्देश दिया। बकौल उपराज्यपाल, भ्रष्टाचार दूर करने के लिए बहुआयामी रणनीति अपनाई जाए। इसके लिए कानूनी, प्रशासनिक और तकनीक का हरसंभव इस्तेमाल हो। उपराज्यपाल ने बताया कि नियमावली में भ्रष्ट अधिकारियों को जबरन सेवानिवृत्ति देने तक का प्रावधान है। इसके तहत कार्रवाई करने में विभागीय प्रमुखों को नहीं हिचकना चाहिए। उपराज्यपाल ने दो टूक कहा कि दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव, दिल्ली विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष, दिल्ली पुलिस आयुक्त और तीनों नगर निगमों के आयुक्त एक महीने में कार्रवाई रिपोर्ट दाखिल करें।
उपराज्यपाल ने सलाह दी ईमानदारी और सत्यनिष्ठा सार्वजनिक सेवा के दो मूल स्तंम्भ हैं। इसके बगैर नौकरशाही प्रभावी तरीके से नागरिक की सेवा नहीं कर सकती। भ्रष्टाचार से किसी भी सरकार का नैतिक और कानूनी अधिकार कमजोर होता है। इसलिए सरकारी कामकाज से भ्रष्टाचार का उन्मूलन होना चाहिए। उपराज्यपाल ने कहा कि हाल ही में केंद्र सरकार ने कई दागी सरकारी अधिकारियों को अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्त करने के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं। कोशिश भ्रष्टाचार को खत्म करने की है। उपराज्यपाल ने कहा कि भारत सरकार की तरफ से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार समान कदम उठाए जाए।