कमिश्नरी में लाईसेंस शाखा में फर्जीवाड़े के एक आरोपी को अदालत ने बेटी की शादी में शामिल होने के लिए दो दिन की अंतरिम जमानत दी है। इसके साथ ही एसआईटी ने अदालत से इंस्पेक्टर के भाई व जेल जा चुके आरोपी के बेटे की गिरफ्तारी के लिए वारंट जारी कराया है।
लाइसेंस शाखा में फर्जी वाड़े के आरोपी मोहन लाल को अदालत ने 27 व 28 अप्रैल को बेटी की शादी में शामिल होने के लिए अंतरिम जमानत दी है। दूसरी ओर लाईसेंस शाखा के प्रभारी रह चुके आरोपी इंस्पेक्टर जसमेर के भाई व मोहन लाल के बेटे की गिरफ्तारी के लिए अदालत से वाररंट जारी कराया है।
इंस्पेक्टर के भाई पर आरोप है कि वह गन हाउस चलाता था। जिसके नाम पर पूरा खेल होता था। जबकि मोहन लाल के बेटे पर आरोप है कि सब कुछ फर्जी कागज वह टाइप करता था। मोहन लाल को कंप्यूटर चलाना नहीं आता है। ऐसे में उसका बेटा भी पूरे मामले में शामिल है। मामले की जांच कर रही एसआईटी की ओर से अब तक सात लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। जिसमें एक इंस्पेक्टर, एसआई व हवलदार शामिल हैं।
गिरोह का मास्टर माइंड गुड़गांव गांव निवासी मनीष है। जो मोटी रकम लेकर लाईसेंस शाखा के लोगों से मिली भगत कर फर्जी लाईसेंस बनवाता था। इतना ही नहीं अवैध हथियार के कारोबार से ताल्लुक रखने वालों के साथ मिलिभगत कर अवैध हथियार भी बेचने का आरोप है।
एसआईटी प्रभारी एसीपी अनिल का कहना है कि अदालत की ओर से बेटी की शादी में दो दिन की अंतरिम जमानत मिली है। इसके साथ ही अन्य आरोपियों का वारंट जारी कराया गया है।