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बामनोली भूमि अधिग्रहण: एलजी ने सरकार की रिपोर्ट पर विचार करने से किया इनकार, कहा- जांच में पड़ सकती है बाधा

Sun, 19 Nov 2023 09:07 PM IST
श्याम जी. पीटीआई, नई दिल्ली

सार

उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने बामनोली भूमि अधिग्रहण मामले में दिल्ली सरकार की रिपोर्ट पर विचार करने से इनकार कर दिया है। फाइल नोटिंग में उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने कहा है कि रिपोर्ट चल रही जांच को सुविधाजनक बनाने के बजाय उसमें बाधा डाल सकती है।
 
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उपराज्यपाल वीके सक्सेना - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने बामनोली भूमि अधिग्रहण मामले में मुख्य सचिव नरेश कुमार की प्रथम दृष्टया मिलीभगत का आरोप लगाने वाली सतर्कता मंत्री आतिशी की रिपोर्ट पर विचार करने से इनकार कर दिया है। राज निवास के अधिकारियों ने रविवार को कहा कि ऐसा लगता है कि यह पूरी तरह से मंत्री की पूर्व धारणाओं और अनुमानों पर आधारित है। सरकार द्वारा उन्हें रिपोर्ट सौंपे जाने पर एक फाइल नोटिंग में सक्सेना ने कहा है कि रिपोर्ट चल रही जांच को सुविधाजनक बनाने के बजाय उसमें बाधा डाल सकती है।
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उपराज्यपाल ने कहा कि मुझे शिकायतों पर प्रारंभिक रिपोर्ट प्राप्त हुई है, जो सतर्कता मंत्री द्वारा प्रस्तुत की गई है और मुख्यमंत्री द्वारा समर्थित है। कम से कम यह आश्चर्यजनक और दुर्भाग्यपूर्ण है कि यह रिपोर्ट, जो संबंधित है संवेदनशील सतर्कता संबंधी मामले और गोपनीय आवरण में मेरे सचिवालय को चिह्नित किए गए हैं। पहले से ही सार्वजनिक डोमेन में हैं और इसकी डिजिटल,  इलेक्ट्रॉनिक कॉपी स्वतंत्र रूप से उपलब्ध हैं और इसका विवरण मीडिया में व्यापक रूप से रिपोर्ट किया गया है।

यह देखते हुए कि रिपोर्ट का चुनिंदा पाठ कथित तौर पर मीडिया में लीक हो गया है। एलजी ने कहा है कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि इस कथित जांच का पूरा मकसद सच्चाई का पता लगाना नहीं था, बल्कि मीडिया ट्रायल शुरू करना और इस पूरे मुद्दे का राजनीतिकरण करना था। भले ही यह सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष है। उन्होंने कहा कि कोई भी यह सोचने पर मजबूर हो जाता है कि क्या यह सार्वजनिक धारणा में पूर्वाग्रह पैदा करने जैसा नहीं है, जिसका उद्देश्य माननीय न्यायालयों को प्रभावित करना है। 
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सक्सेना ने यह भी बताया है कि इस मामले की जांच पहले से ही केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा की जा रही है। चूंकि मुख्य सचिव और मंडलायुक्त की सिफारिशों के आधार पर मेरे द्वारा अनुमोदित मामले की पहले से ही सीबीआई द्वारा जांच की जा रही है। यह मेरा सुविचारित विचार है कि मेरे समक्ष विचार के लिए, जो सिफारिश की गई है वह पूर्वाग्रह से ग्रसित और योग्यता से रहित है और इसलिए, इस पर सहमति नहीं जताई जा सकती।

उन्होंने कोई भी गलत काम से इनकार किया है और आरोप लगाया है कि निहित स्वार्थ वाले लोगों द्वारा कीचड़ उछाल जा रहा है, जिनके खिलाफ भ्रष्टाचार के लिए सतर्कता कार्रवाई की गई थी।
सतर्कता मंत्री की 670 पन्नों की रिपोर्ट बुधवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के कार्यालय ने एलजी को सौंपी थी। रिपोर्ट में कुमार के निलंबन की मांग की गई है और दावा किया गया है कि इस मामले में अनुचित लाभ का पैमाना 897 करोड़ रुपये से अधिक है। प्रश्नगत 19 एकड़ भूमि को द्वारका एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए 2018 में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा अधिग्रहित किया गया था।
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