दिल्ली में गंभीर अपराधों में बढ़ोतरी के बीच उपराज्यपाल अनिल बैजल ने शुक्रवार को दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की।
उपराज्यपाल ने सख्त निर्देश दिया कि अंधेरा होने के बाद पेट्रोलिंग वाहनों की अधिकतम तैनाती और उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से औचक निरीक्षण करने को भी कहा।
बैठक में दिल्ली पुलिस ने उपराज्यपाल के सामने एक प्रजेंटेशन दिया। इसमें बताया गया कि पुलिस सड़क अपराध, फायर आर्म्स, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नियमित तौर पर वाहनों की जांच करती है।
साथ ही, कॉलोनियों में नजर रखने के लिए बीट पुलिसिंग व पेट्रोलिग पर जोर है। पुलिस पिकेट से जांच के साथ सुनसान और संवेदनशील जगहों पर तैनाती होती है। इस मौके पर जेल से रिहा अपराधियों पर खास ध्यान रहता है।
उपराज्यपाल ने दिल्ली पुलिस को छवि सुधारने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने को कहा। वहीं, जिला पुलिस को फायर आर्म्स रखने वाले अपराधियों के खिलाफ खास रणनीति बनाने, गिरोहों और ज्ञात व वांछित अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
उपराज्यपाल ने कहा कि पुलिस की दृश्यता बढ़ाने के लिए पेट्रोलिंग प्रणाली में बदलाव और पिकेट चेकिंग को बढ़ाया जाए। बीट स्टाफ और एसएचओ की जवाबदेही तय होनी चाहिए। साथ ही, पुलिस वैन व गश्ती दल की जांच के दौरान सायरन बजाने और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में अधिकतम तैनाती करने को कहा।