दिल्ली में पटवारी भर्ती के नियम बदलने से अब किसी भी विषय में स्नातक युवा आवेदन कर सकेंगे। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने कंप्यूटर में एक साल के डिप्लोमा की अनिवार्यता खत्म करने और चयनित उम्मीदवारों को विभाग की ओर से तीन महीने का प्रशिक्षण देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। भर्ती में अब सीधी नियुक्ति के साथ प्रतिनियुक्ति का विकल्प भी रहेगा। राजस्व विभाग में पटवारी के 230 पद हैं, लेकिन इनमें से केवल 60 पर कर्मचारी तैनात हैं।
पटवारी के पद पर भर्ती के लिए पहले गणित विषय के साथ 12वीं पास होना और सरकारी मान्यताप्राप्त संस्थान से कंप्यूटर में एक साल का डिप्लोमा होना जरूरी था। पिछली भर्ती प्रक्रिया में दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड को ऐसा कोई उम्मीदवार नहीं मिला, जो कंप्यूटर डिप्लोमा की अनिवार्य शर्त पूरी करता हो। इसके चलते पद भरने में परेशानी आई। अब नियमों में बदलाव करके इस बाधा को दूर करने की कोशिश की गई है।
स्नातक के बाद विभाग देगा प्रशिक्षण
नए नियमों के तहत किसी भी विषय में मान्यताप्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक होना पटवारी पद के लिए अनिवार्य योग्यता होगी। चयनित उम्मीदवारों को कंप्यूटर के साथ सर्वेक्षण और मानचित्रण का तीन महीने का प्रशिक्षण राजस्व विभाग देगा। पहले स्नातक के साथ भूकर सर्वेक्षण या टोटल स्टेशन पद्धति से सर्वेक्षण में डिप्लोमा अथवा प्रमाणपत्र और एक साल का मैदानी अनुभव वांछनीय योग्यता के रूप में निर्धारित था।
प्रतिनियुक्ति से भी भरे जा सकेंगे पद
अब तक पटवारी के सभी पद सीधी भर्ती से भरे जाने का प्रावधान था। संशोधित नियमों के तहत प्रतिनियुक्ति से भी नियुक्ति हो सकेगी। केंद्र, राज्य या केंद्रशासित प्रदेश की सरकारों में नियमित आधार पर समान पद पर कार्यरत अधिकारी इसके लिए पात्र होंगे। उनके पास वेतन बैंड-2 में तीन साल की सेवा और किसी भी विषय में स्नातक की डिग्री होना जरूरी है। इससे विभाग को रिक्त पद भरने के लिए अतिरिक्त विकल्प मिलेगा।
विभागीय उम्मीदवारों को आयु सीमा में राहत
एलजी की मंजूरी के बाद विभागीय उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयु सीमा 27 से बढ़ाकर 40 साल कर दी गई है। इससे निर्धारित सेवा और शैक्षणिक योग्यता पूरी करने वाले विभागीय कर्मचारियों को पटवारी पद पर नियुक्ति के लिए अधिक उम्र तक अवसर मिल सकेगा।
नए जिलों के लिए बढ़े 12 पद
राजस्व विभाग में पटवारी के स्वीकृत पदों की संख्या 218 से बढ़ाकर 230 की गई है। इस साल की शुरुआत में बनाए गए नए जिलों के लिए 12 अतिरिक्त पद सृजित किए गए हैं। फिलहाल 230 पदों में से 170 खाली हैं। भर्ती नियमों में बदलाव से पात्र उम्मीदवारों का दायरा बढ़ेगा और रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया आसान होने की उम्मीद है।