उपराज्यपाल नजीब जंग ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का एक और फैसला पलट दिया है। अब प्रधान सचिव, सचिव या विभाग प्रमुख स्तर के अधिकारी के छुट्टी जाने पर संबंधित विभाग के वरिष्ठतम अधिकारी को चार्ज नहीं दिया जाएगा।
एक प्रधान सचिव, सचिव या विभाग प्रमुख स्तर के अधिकारी के छुट्टी पर जाने या ट्रांसफर होने की दशा में उसका चार्ज संभालने के लिए उसी स्तर के दो अधिकारियों को लिंक ऑफिसर बनाने का आदेश उपराज्यपाल की मंजूरी से जारी किया गया है।
मुख्यमंत्री की मंजूरी से 19 जनवरी को सेवा विभाग के उप सचिव मुकेश शर्मा ने आदेश जारी करके स्पष्ट किया था कि प्रधान सचिव, सचिव या विभाग प्रमुख के छुट्टी पर रहने की दशा में संबंधित विभाग में मौजूद सबसे वरिष्ठ अधिकारी उस विभाग के मुखिया का चार्ज संभालेगा।
मनीष सिसोदिया ने तय किए थे लिंक अधिकारी
मनीष सिसोदिया
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इसी आदेश के तहत तमाम विभाग में आईएएस कैडर के पद पर दानिक्स और दानिक्स कैडर के पद पर दिल्ली प्रशासनिक सेवा के अधिकारी को जिम्मेदारी दी गई थी।
इससे पहले उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने उपराज्यपाल की तर्ज पर ही लिंक अधिकारी 6 जनवरी को तय किए थे, लेकिन मुख्यमंत्री की संस्तुति वाले आदेश से उपमुख्यमंत्री का आदेश बदल गया था।
उपराज्यपाल की मंजूरी से सेवा विभाग के विशेष सचिव टी श्रीकांत की तरफ से जारी आदेश के अनुसार प्रधान सचिव, सचिव या विभाग प्रमुख स्तर के अधिकारी के छुट्टी पर जाने या ट्रेनिंग पर जाने की दशा में लिंक ऑफिसर चार्ज संभाल लेगा।
उपराज्यपाल की मंजूरी से तय किए जाएंगे लिंक अधिकारी
एलजी नजीब जंग
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अगर सक्षम अधिकारी की तरफ से कोई नया आदेश जारी किया जाता है, तो यह आदेश लागू नहीं होगा। किसी विभाग में प्रधान सचिव और सचिव दोनों हैं, तो वही एक-दूसरे के लिंक ऑफिसर होंगे।
सेवा विभाग ने इस आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि प्रधान सचिव, सचिव या विभाग प्रमुख अपने-अपने विभाग में उप सचिव या उप निदेशक स्तर तक के अधिकारियों के इसी तरह से लिंक अधिकारी तय करने का आदेश जारी करें।
वहीं, मुख्य सचिव और वित्त आयुक्त के मामलेे में लिंक अधिकारी उपराज्यपाल की मंजूरी से तय किए जाएंगे। मुख्यमंत्री के सचिव या उपराज्यपाल के सचिव को लेकर लिंक ऑफिसर तय नहीं किए गए हैं। तीनों एमसीडी के आयुक्त एक-दूसरे के लिंक ऑफिसर निर्धारित किए गए हैं।